नेशनल हेराल्ड मामले में राहुल और सोनिया गाँधी पर दिल्ली पुलिस ने दर्ज की नयी FIR
दिल्ली पुलिस की EOW ने AJL–Young Indian मामले में नई FIR दर्ज की है, जांच में राहुल और सोनिया गांधी, सैम पित्रोदा समेत अन्य लोगों आरोपी बनाया गया हैं। ये मामला ED की शिकायत पर दर्ज किया गया है.
FIR Against Rahul Gandhi : दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) ने बहुचर्चित नेशनल हेराल्ड मामले में एक नई FIR दर्ज कर दी है। यह कदम एन्फोर्समेंट डायरेक्टरेट (ED) की रिपोर्ट और आरोपों के आधार पर उठाया गया है, जिसमें अचल संपत्तियों के गलत मूल्यांकन, फर्जी किराया समझौते और कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। इस एफआईआर में सीधे तौर पर राहुल गाँधी, सोनिया गाँधी को आरोपी बनाया गया है।
मामला Associated Journals Limited (AJL) और Young Indian से जुड़े लेनदेन पर केन्द्रित है। एजेंसियों का दावा है कि पिछले कई वर्षों में AJL और Young Indian के वित्तीय कार्यों में कथित अनियमितताएं हुईं। अब इनकी गहन आपराधिक जांच की जा रही है।
जांच के मुख्य बिंदु
AJL की संपत्तियों का मूल्यांकन
किराया समझौतों और संभावित फर्जी दस्तावेज़
Young Indian को शेयर ट्रांसफर की परिस्थितियाँ
कथित दान और किराया भुगतान की प्रामाणिकता
राजनीतिक और व्यावसायिक संगठनों के बीच धन के प्रवाह का विश्लेषण
EOW ने इसे “प्रथम दृष्टया जांच योग्य मामला” मानते हुए FIR दर्ज की है।
आरोपियों की सूची
FIR में शामिल आरोपियों की सूची में लोकसभा के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी उनकी माँ सोनिया गाँधी के अलावा सैम पित्रोदा शामिल किया गया है. इसके अलावा कई अन्य आरोपियों के नाम भी आरोपियों की सूची में शामिल किये गए हैं।
तीन कंपनियां: AJL, Young Indian, और Dotex Merchandise Pvt. Ltd.
आरोप है कि आरोपियों ने AJL का धोखाधड़ी से अधिग्रहण करने की साजिश रची।
FIR में लेनदेन का जो विवरण दिया गया है, उसमें से कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां इस प्रकार है :
Dotex Merchandise ने allegedly 1 करोड़ रुपये Young Indian को दिए।
Young Indian ने 50 लाख रुपये कांग्रेस पार्टी को चुकाए और AJL का नियंत्रण हासिल किया।
AJL के पास उस समय लगभग 2,000 करोड़ रुपये की संपत्ति थी।
क़ानूनी आधार
Prevention of Money Laundering Act (PMLA), धारा 66(2) के तहत, ED किसी भी एजेंसी से अनुसूचित अपराध दर्ज करने और जांच कराने का आदेश दे सकती है। FIR सामने आने के एक दिन बाद ही दिल्ली की अदालत ने नेशनल हेराल्ड मामले में अपना फैसला 16 दिसंबर तक स्थगित कर दिया।
नेशनल हेराल्ड मामला का इतिहास
ये मामला 2012 से शुरू हुआ, जब BJP नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने स्थानीय अदालत में दावा किया कि कांग्रेस नेता AJL के अधिग्रहण में धोखाधड़ी और विश्वासघात में शामिल थे।
AJL ने नेशनल हेराल्ड अखबार प्रकाशित किया था, जिसकी स्थापना जवाहरलाल नेहरू और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने 1938 में की थी।
नेशनल हेराल्ड 2008 में आर्थिक कारणों से बंद हो गया।
उस समय AJL पर 90 करोड़ रुपये का बकाया ऋण था। कांग्रेस के अनुसार, AJL ऋण चुका नहीं पाया, इसलिए इसे इक्विटी शेयरों में बदल दिया गया।
चूंकि कांग्रेस पार्टी इक्विटी शेयर नहीं रख सकती, इसलिए शेयर Young Indian, एक not-for-profit कंपनी (2010 में स्थापित) को आवंटित किए गए।
Young Indian और गांधी परिवार की हिस्सेदारी राहुल और सोनिया गांधी के पास Young Indian में 38%-38% हिस्सेदारी है। बाकी शेयर मोटीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे के पास हैं।
इस प्रकार, Young Indian AJL का मुख्य शेयरधारक बन गया और राहुल-सोनिया गांधी इसके निदेशक बने।
कांग्रेस के अनुसार, AJL ऋण चुका नहीं पाया, इसलिए इसे इक्विटी शेयरों में बदल दिया गया। चूंकि कांग्रेस पार्टी इक्विटी शेयर नहीं रख सकती, इसलिए शेयर Young Indian, एक not-for-profit कंपनी (2010 में स्थापित) को आवंटित किए गए।
Young Indian और गांधी परिवार की हिस्सेदारी
राहुल गांधी और सोनिया गांधी के पास Young Indian में 38%-38% हिस्सेदारी है।
बाकी शेयर मोटीलाल वोरा, ऑस्कर फर्नांडीज, सैम पित्रोदा और सुमन दुबे के पास हैं।
इस प्रकार, Young Indian AJL का मुख्य शेयरधारक बन गया और राहुल-सोनिया गांधी इसके निदेशक बने।
इस FIR के चलते राजनीतिक हलचल तेज हो गयी हैं। जाहिर तौर पर गाँधी परिवार के लिए कानूनी जटिलताएं बढ़ सकती हैं। EOW कंपनी दस्तावेज़, बैंक लेनदेन और संपत्ति मूल्यांकन की रिपोर्टों की जांच करेगी और संबंधित व्यक्तियों से पूछताछ करेगी।
अदालत का अगला फैसला 16 दिसंबर को सुनाया जाएगा, जो मामले की दिशा तय करेगा।