संसद में बोले खरगे- झुकूंगा नहीं डरूंगा नहीं,अनुराग ठाकुर को चैलेंज
राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने आज राज्य सभा में तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने अनुराग ठाकुर के लगाए आरोपों पर उनको चुनौती दी।;
बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के 2 अप्रैल को लोकसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे पर की गई टिप्पणी को लेकर गुरुवार (3 अप्रैल) को राज्यसभा में भारी हंगामा हो गया। खरगे ने अनुराग ठाकुर को चुनौती दी कि आरोप साबित करें वरना तत्काल इस्तीफा दें।
अनुराग ठाकुर ने क्या कहा था?
बुधवार 2 अप्रैल को लोकसभा में पेश किए गए वक्फ संशोधन बिल पर बहस हो रही थी। इसी बहस में बीजेपी की तरफ से सांसद अनुराग ठाकुर ने भी भाग लिया। अनुराग ठाकुर ने कहा, "कर्नाटक सरकार है कांग्रेस की। 450 करोड़ रुपये साल का आप इकट्ठा करते हैं। कहां खर्च करते हैं? कौन जवाब देता है इसका? एक-एक रुपये का हिसाब आपको देना चाहिए था।"
ठाकुर ने आगे कहा, "क्या किसी मस्जिद का पैसा आपने लिया? क्या किसी वक्फ बोर्ड का पैसा आपने लिया? लेकिन कर्नाटक में जो घोटाले हुए, उसमें इनके राष्ट्रीय अध्यक्ष मलिल्कार्जुन खरगे का नाम भी आता है।"
अनुराग ठाकुर के इतना कहने पर बुधवार शाम को लोकसभा में भारी हंगामा हो गया। कांग्रेस सांसदों ने हंगामा शुरू कर दिया। जब हंगामा बढ़ने लगा तो अनुराग ठाकुर बोले, "मैं नाम (खरगे का) नहीं लेता हूं। नाम वापस ले लेता हूं।" लेकिन उन्होंने यह दावा भी किया कि उनके पास इसके सबूत हैं।
खरगे का चैलेंज
इसी बात को लेकर गुरुवार को राज्य सभा में हंगामा हो गया। नेता विपक्ष और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर के लोकसभा में चर्चा के दौरान लगाए आरोपों पर बिफर पड़े।
खरगे ने राज्यसभा में कहा कि अनुराग ठाकुर की टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा है। उन्होंने चुनौती दी कि अनुराग ठाकुर उन पर लगाए आरोपों को साबित करें। अगर वो आरोप साबित नहीं कर सकते तो अनुराग ठाकुर को संसद में रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।
खरगे ने ये भी कहा कि अगर आरोप साबित हो जाते हैं, तो मैं इस्तीफा दे दूंगा.’ उन्होंने कहा कि मैं इस सरकार से नहीं डरता. मैं झुकूंगा नहीं। मैं डरूंगा नहीं।
संसदीय कार्यमंत्री ने क्या कहा?
खरगे के भाषण के तुरंत बाद विपक्षी सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर दिया। अनुराग ठाकुर की खरगे पर की गई टिप्पणी को लेकर राज्यसभा के चेयरमैन जगदीप धनखड़ ने संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू को बोलने का मौका दिया। रिजिजू ने इतना ही कहा कि हमें एक दूसरे का सम्मान करना चाहिए।