अंतरराष्ट्रीय राजनीति में केवल हित अहम, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह का बड़ा बयान
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में स्थायी हित ही मायने रखते हैं। आत्मनिर्भरता अब भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था की जरूरत है।;
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय राजनीति में कोई स्थायी मित्र या स्थायी शत्रु नहीं होते, बल्कि केवल स्थायी हित होते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए “आत्मनिर्भरता” अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता बन चुकी है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय निर्यात पर कुल 50 प्रतिशत टैरिफ लगाने का फैसला किया है। इसमें 25 प्रतिशत पारस्परिक शुल्क और 25 प्रतिशत रूस से तेल खरीदने पर प्रतिशोधात्मक शुल्क शामिल है। ट्रंप का दावा है कि भारत द्वारा खरीदे गए इस तेल से रूस यूक्रेन युद्ध को वित्तपोषित कर रहा है।
राजनाथ सिंह ने कहा “हमारे लिए किसानों और उद्यमियों का हित सर्वोपरि है। भारत किसी को शत्रु नहीं मानता। स्थायी न दोस्त होते हैं, न दुश्मनकेवल स्थायी हित होते हैं।”
‘जीवित रहने के लिए आत्मनिर्भरता जरूरी’
एक कार्यक्रम में बोलते हुए रक्षा मंत्री ने कहा कि पहले आत्मनिर्भरता को एक “विशेषाधिकार” माना जाता था, लेकिन अब यह प्रगति और अस्तित्व के लिए अनिवार्य है।उन्होंने कहा “आज की दुनिया इतनी तेजी से बदल रही है कि हर दिन हमारे सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। महामारी, आतंकवाद या क्षेत्रीय संघर्ष 21वीं सदी हर मोर्चे पर अब तक की सबसे अस्थिर और चुनौतीपूर्ण साबित हुई है। ऐसे में यह स्पष्ट है कि आत्मनिर्भरता अब विकल्प नहीं बल्कि आवश्यकता है।
राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि मौजूदा भू-राजनीतिक हालात में रक्षा उपकरणों के लिए बाहरी स्रोतों पर निर्भर रहना अब संभव नहीं है। आत्मनिर्भरता भारत की सुरक्षा और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए जरूरी है।
‘भारत अब हथियार निर्यातक’
रक्षा मंत्री ने बताया कि 2014 में जहां भारत का रक्षा निर्यात 700 करोड़ रुपये से भी कम था, वहीं अब यह बढ़कर 24,000 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इससे यह साबित होता है कि भारत अब केवल आयातक नहीं बल्कि हथियार निर्यातक देश भी है।
ऑपरेशन सिंदूर का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह से भारतीय सेनाओं ने स्वदेशी उपकरणों के साथ सटीक हमले किए, उसने यह दिखा दिया है कि बिना दीर्घकालिक योजना और तैयारी के कोई भी मिशन सफल नहीं हो सकता।
उन्होंने यह भी घोषणा की कि अब भारत के युद्धपोत देश में ही बनाए जाएंगे, जो आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब हाल ही में नौसेना ने नीलगिरी-श्रेणी की दो स्टील्थ फ्रिगेट आईएनएस हिमगिरि और आईएनएस उदयगिरि को शामिल किया है, जिनका 75 प्रतिशत हिस्सा देश में ही डिजाइन किया गया है।