उत्तराखंड में बादल फटे, चमोली-रुद्रप्रयाग में भारी तबाही

उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग में बादल फटने से तबाही, गांव जलमग्न, कई लोग लापता। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। इसके साथ ही रेड अलर्ट घोषित किया गया है।;

Update: 2025-08-29 07:06 GMT

Chamoli Rudraprayag Flood: उत्तराखंड के चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों में शुक्रवार (29 अगस्त) तड़के बादल फटने की घटनाएं हुईं, जिससे भूस्खलन और भारी तबाही मच गई। प्रशासन के अनुसार, कई लोग घायल हो गए हैं और कुछ के लापता होने की आशंका है।

चमोली में मकान और गौशाला दबे

चमोली जिले के मोपटा गांव में एक घर और गौशाला भूस्खलन के मलबे में दब गए, जिसमें एक दंपत्ति फंस गया। जिला मजिस्ट्रेट संदीप तिवारी ने बताया कि एक अन्य दंपत्ति को घायल अवस्था में मलबे से निकाला गया है।

रुद्रप्रयाग में आधा दर्जन गांव प्रभावित

रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र में लगातार बारिश और भूस्खलन से आधा दर्जन से ज्यादा गांव बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। चेनागढ़ के डूंगर गांव में कई लोग मलबे और बाढ़ में लापता हैं। इसी तरह, जौला-भादेठ गांव से भी कुछ लोगों के लापता होने की खबर है।स्यूऱ गांव में एक मकान क्षतिग्रस्त हुआ है, जबकि सड़क पर खड़ी एक कार मलबे में बह गई। बदेठ, बगधार और तलजमानी गांवों के दोनों ओर के नालों में बाढ़ आ गई है।


राहत और बचाव कार्य

चमोली के डीएम संदीप तिवारी ने एएनआई को बताया कि मोपटा भूस्खलन क्षेत्र (देवाल, चमोली) में स्थानीय लोग राहत कार्य में जुटे हुए हैं। वहीं दूसरी ओर, DDRF की टीम और तहसीलदार सड़क से मलबा हटाने और मार्ग खोलने का प्रयास कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा "रुद्रप्रयाग जिले के बसुकेदार क्षेत्र के बदेठ-डूंगर और चमोली जिले के देवाल क्षेत्र में बादल फटने से मलबा गिरने के कारण कुछ परिवार फंसे होने की दुखद सूचना मिली है। राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। मैं लगातार अधिकारियों से संपर्क में हूं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बाबा केदार से सभी की सुरक्षा की प्रार्थना करता हूं।"

राज्य में रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने शुक्रवार सुबह 8:35 बजे से 11:35 बजे तक चंपावत, नैनीताल और ऊधम सिंह नगर जिलों में रेड अलर्ट जारी किया है। यहां भारी बारिश के साथ गरज-चमक और अति तीव्र वर्षा की चेतावनी दी गई है।गुरुवार (28 अगस्त) देर रात राज्य के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई। देहरादून, टिहरी गढ़वाल, उत्तरकाशी, बागेश्वर, चमोली, पिथौरागढ़ और रुद्रप्रयाग जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया था।

मानसून की मार और बाढ़ का कहर

इस मानसून में उत्तराखंड प्राकृतिक आपदाओं से बुरी तरह प्रभावित हुआ है। 5 अगस्त को खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ ने गंगोत्री मार्ग पर स्थित प्रमुख पड़ाव धराली के आधे हिस्से को तबाह कर दिया। यहां कई होटल और होमस्टे बह गए, वहीं पास के हर्षिल में सेना का कैंप भी बाढ़ की चपेट में आ गया। प्रभावित लोगों को भागने तक का समय नहीं मिला।

अब तक 69 लोग लापता

इस बाढ़ में कुल 69 लोग लापता हुए, जिनमें 9 सेना के जवान, 25 नेपाली नागरिक, 13 बिहार से, 6 उत्तर प्रदेश से, 8 धराली से, 5 उत्तरकाशी के आसपास से, 2 टिहरी से और 1 राजस्थान से थे।

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