दिल्ली MCD के 12 वार्डों में उपचुनाव के लिए वोटिंग आज

रविवार को होने वाले मतदान में 12 सीटों पर 53 उम्मीदवार मैदान में; नतीजे 3 दिसंबर को, मुकाबला बीजेपी, आप और कांग्रेस के बीच त्रिकोणीय बन गया है।

Update: 2025-11-30 02:16 GMT

Delhi MCD Bypolls : दिल्ली नगर निगम (MCD) की 12 वार्ड सीटों पर नए पार्षद चुनने के लिए रविवार को उपचुनाव के लिए मतदान होने जा रहा है। इन चुनावों को राजधानी में चल रही रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली BJP सरकार के प्रदर्शन पर एक तरह का जनमत-संग्रह माना जा रहा है। नतीजे 3 दिसंबर को आएंगे।


BJP और AAP के अलावा कांग्रेस ने झोंकी है पूरी ताकत

चुनाव प्रचार के दौरान BJP और AAP के अलावा कांग्रेस ने अपनी पूरी ताकत झोंक है। जहाँ मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने BJP की कमान संभाली तो वहीँ कांग्रेस की तरफ से दिल्ली प्रदेश के अध्यक्ष देवेन्द्र यादव ने काफी मेहनत की है। हालाँकि आम आदमी पार्टी की तरफ से प्रचार प्रसार के शुरूआती दिनों में बड़े नेता गायब रहे लेकिन अंतिम दिनों में पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी ने मैदान में उतर कर प्रत्याशियों का मनोबल बढ़ाया।

तीनों दलों के दिग्गज नेता सभी 12 सीटों पर घूमकर मतदाताओं को मनाने में जुटे रहे।


12 सीटों पर 53 उम्मीदवार मैदान में

कुल 53 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं।

इनमें से 12 खाली सीटों में 9 पर पहले BJP का कब्जा था।

दिसंबर 2022 में हुए अंतिम MCD चुनावों के बाद हार-जीत और पाला बदलने के बाद मौजूदा MCD हाउस में —

BJP के 115 पार्षद हैं

AAP के 99 पार्षद हैं

BJP का लक्ष्य: 12-0 की क्लीन स्वीप

BJP का लक्ष्य है कि सारी 12 सीटें जीतकर संख्या बढ़ाकर 125 तक पहुँची जाए, जो 250 सदस्यीय सदन में बहुमत का अंक है।

सफलता मिलने पर निश्चित तौर पर मुख्यमंत्री गुप्ता की छवि मज़बूत होगी।

ई-बस, स्वास्थ्य, बीमा कल्याण योजनाओं और छठ पूजा व्यवस्थाओं पर भी जनता का समर्थन दिखेगा


AAP भी जीत के लिए बेताब

AAP के लिए भी यह चुनाव बेहद अहम है।

फरवरी में हुए विधानसभा चुनावों में सत्ता खो देने के बाद पार्टी फिर से दिल्ली की राजनीति में जमीन वापस पाना चाहती है। वो बात और है कि प्रचार प्रसार में जिस तरह से पार्टी की टॉप लीडरशिप नदारद रही है, उससे लगता नहीं कि आप ने इन उपचुनावों के लिए पुरजोर मेहनत की है।


कांग्रेस भी मैदान में, अस्तित्व बचाने की कोशिश

कांग्रेस ने इस उपचुनाव के प्रचार प्रसार में अपनी तरफ से काफी मेहनत की है। वो खुद को दिल्ली की लड़ाई में वापस लाना चाहती है और ये भी चाहती है कि जिस आप ने उसका काडर कब्ज़ा लिया है, अब उस काडर को वापस पाया जा सके। यही वजह है कि कांग्रेस कुछ वार्ड जीतकर दिल्ली की राजनीति में अपनी मौजूदगी बरकरार रखना चाहती है, जहाँ फिलहाल BJP और AAP का ही दबदबा है।


उपचुनाव क्यों हो रहे हैं?

उपचुनाव इसलिए जरूरी हुए क्योंकि पिछले 12 महीनों में इन वार्डों के कई पार्षद

संसद और

दिल्ली विधानसभा

में चुनकर चले गए।

कुल 11 पार्षद, जिनमें CM रेखा गुप्ता भी शामिल हैं, MLA बन चुके हैं।


कौन-कौन से वार्ड खाली हैं?

इन वार्ड में है चुनाव :

मुडका, शालीमार बाग-B, अशोक विहार, चांदनी चौक, चांदनी महल, द्वारका-B, दिघांव कला, नरेना, संगम विहार-A, दक्षिण पुरी (SC), ग्रेटर कैलाश, विनोद नगर।

इनमें से कई वार्ड महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्रों में मुडका, वज़ीरपुर, मटियाला, नजफगढ़, राजेंद्र नगर, देओली और पाटपड़गंज के अंदर आते हैं।


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