ट्रंप बनाम जेलेंस्की: व्हाइट हाउस का एक ऐसा टकराव, जिससे हिली पूरी दुनिया
Zelensky trump vance: बैठक की शुरुआत सौहार्दपूर्ण रही. लेकिन जब चर्चा रूस और यूक्रेन के संघर्ष पर घुसी तो ट्रंप और वेंस ने जेलेंस्की को आलोचना का शिकार बना लिया.;
Donald trump Zelensky: व्हाइट हाउस में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई. इसका मकसद खनिज-शेयरिंग डील और रूस युद्ध को लेकर यूक्रेन को अमेरिकी सपोर्ट पर चर्चा करना था. हालांकि, जल्द ही यह बैठक मीडिया के सामने एक टकराव में बदल गई, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी.
आरोप-प्रत्यारोप
बैठक की शुरुआत सौहार्दपूर्ण रही. लेकिन जब चर्चा रूस और यूक्रेन के संघर्ष पर घुसी तो ट्रंप और वेंस ने जेलेंस्की को कठोर आलोचना का शिकार बना लिया. उन्होंने जेलेंस्की पर आभार की कमी का आरोप लगाते हुए उसे रूस के साथ शांति समझौता स्वीकार करने के लिए दबाव डाला. जेलेंस्की ने इसका विरोध करते हुए कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बार-बार संघर्ष विराम समझौतों का उल्लंघन किया है और क्रीमिया में यूक्रेनी क्षेत्र पर अवैध कब्जा किया है.
यह तनावपूर्ण बातचीत यूक्रेनी राष्ट्रपति के लिए स्पष्ट रूप से असहज साबित हुई और इसके बाद वाशिंगटन सहित अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तीव्र प्रतिक्रियाएं आईं.
अमेरिका में आरोपों का दौर
इस घटना के बाद ट्रंप के विपक्षियों ने उन पर रूस-यूक्रेन युद्ध में प्रोरूसी (Russia-friendly) स्थिति लेने का आरोप लगाया. डेमोक्रेट्स ने ट्रंप और वेंस की आलोचना की, इसे पुतिन के प्रति समर्पण के रूप में देखा. मैसाचुसेट्स के एक डेमोक्रेट नेता ने तो यहां तक कहा कि जेलेंस्की वाशिंगटन आए थे. लेकिन वह क्रेमलिन में कदम रख गए. इस पर रिपब्लिकन नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी. हाउस स्पीकर माइक जॉनसन ने इसे "अमेरिका पहले" की नीति के तहत सही कदम बताया और कहा कि अब अमेरिका का फायदा उठाने और उसका अनादर करने के दिन खत्म हो गए हैं.
बैठक के दौरान क्या हुआ?
बैठक में पहले खनिज व्यापार समझौतों पर बातचीत की गई. लेकिन जब उपराष्ट्रपति वेंस ने रूस के साथ शांति समझौते की बात की तो स्थिति बदल गई. उन्होंने जेलेंस्की से आग्रह किया कि वह रूस के साथ बातचीत शुरू करें. क्योंकि वह मानते थे कि यूक्रेन एक ऐसी युद्ध में फंसा हुआ है, जिसे वह जीत नहीं सकता है. इस पर जेलेंस्की ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि रूस पहले ही कई बार संघर्ष विराम का उल्लंघन कर चुका है. लेकिन वेंस ने जेलेंस्की पर अमेरिकी सैन्य सहायता का आभार न जताने का आरोप लगाया. इसके बाद ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि जेलेंस्की रूस के साथ शांति समझौता करने से इनकार करता है तो अमेरिका उसे छोड़ सकता है.
जेलेंस्की की प्रतिक्रिया
इस हॉट टॉक के बाद जेलेंस्की ने एक इंटरव्यू में कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि अमेरिका और यूक्रेन के रिश्ते फिर से सामान्य हो सकते हैं. हालांकि, उन्होंने वेंस के व्यवहार पर आलोचना करते हुए कहा कि वाइस प्रेसिडेंट को पूरा सम्मान देते हैं. लेकिन वह अपनी भूमिका में एकदम अलग थे.
यूरोपीय नेताओं का समर्थन
इस विवाद के बाद यूरोपीय नेताओं ने यूक्रेन के प्रति अपने समर्थन जताया. पोलिश प्रधानमंत्री डोनाल्ड तुस्क ने कहा कि यूक्रेन अकेला नहीं है, ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने "अडिग समर्थन" का वादा किया. वहीं, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने एक शिखर सम्मेलन की आवश्यकता पर जोर दिया, जिसमें सभी प्रमुख देशों को यूक्रेन पर विचार-विमर्श करने के लिए एकत्र होना चाहिए. वहीं, रूस ने इस विवाद का मजाक उड़ाया. रूस के पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने जेलेंस्की का मजाक उड़ाते हुए उन्हें "अवज्ञाकारी सुअर" कहा, जिसे "ओवल ऑफिस में सही तरीके से थप्पड़ मारा गया.
यूक्रेन का समर्थन
यूक्रेन ने इस विवाद के बाद अपने राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की के प्रति अपनी पूरी निष्ठा जाहिर की. यूक्रेनी सेना ने युद्ध जारी रखने का संकल्प लिया और विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने ट्रंप और वेंस के खिलाफ खड़े होने के लिए जेलेंस्की की "बहादुरी" की सराहना की.