ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ का असर, वैश्विक बाजार में भारी गिरावट

डोनाल्ड ट्रंप के रेसिप्रोकल टैरिफ के ऐलान का असर ना सिर्फ अमेरिकी बल्कि एशियाई शेयर मार्केट पर भी नजर आ रहा है। वैश्विक स्तर पर गिरावट देखी जा रही है।;

By :  Lalit Rai
Update: 2025-04-03 01:58 GMT

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 2 अप्रैल को कई अमेरिकी व्यापारिक भागीदारों के लिए अपनी टैरिफ योजना की घोषणा की, जिसे 'मुक्ति दिवस' (Liberation Day) के रूप में प्रचारित किया गया। इस घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों की भावना प्रभावित हुई और वॉल स्ट्रीट में आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग के दौरान 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिकी बाजारों में हड़कंप

हालांकि वॉल स्ट्रीट हरे निशान में बंद हुआ, लेकिन ट्रंप के पारस्परिक टैरिफ (Reciprocal Tariffs) की घोषणा के बाद:

S&P 500 फ्यूचर्स 3.9% गिर गए।

Nasdaq-100 फ्यूचर्स 4.7% की गिरावट के साथ ध्वस्त हो गए।

Dow फ्यूचर्स 1,000 अंकों से अधिक गिरकर 2.4% लुढ़क गए।

रसेल 2000 स्मॉल-कैप इंडेक्स 4.9% गिर गया, जिससे यह बेयर मार्केट ज़ोन के करीब पहुंच गया।

टेक और रिटेल कंपनियों पर भारी असर

Tesla और Palantir के शेयर आफ्टर-ऑवर्स ट्रेडिंग में 8% तक गिर गए।

Apple और Amazon में 7% की गिरावट आई।

Nvidia के शेयर 6% नीचे चले गए।

टेक सेक्टर से इतर, Nike और Walmart के शेयर 7% तक गिर गए।

UGG और Hoka ब्रांड बनाने वाली Deckers Outdoor के शेयर 12% गिर गए।

डॉलर और कमोडिटी बाजार में हलचल

अमेरिकी डॉलर 0.5% गिरकर 103.8 के स्तर पर आ गया।

सोने की कीमतें नई ऊंचाइयों पर पहुंच गईं, क्योंकि निवेशकों ने सुरक्षित संपत्तियों में निवेश किया।

वैश्विक व्यापार पर असर और व्यापार युद्ध की आशंका

छठे हिस्से से अधिक वैश्विक व्यापार खतरे में पड़ सकता है, क्योंकि अमेरिका ने कई देशों पर एक साथ टैरिफ लगाने का फैसला किया है।

जापान के निक्केई 225 और दक्षिण कोरिया के KOSPI व Kosdaq इंडेक्स शुरुआती सत्र में 4% से अधिक गिर गए।

थाई बहत (Thai Baht) और चीनी युआन (Chinese Yuan) जैसी वैश्विक मुद्राओं पर भी असर पड़ा, क्योंकि टैरिफ का दबाव घरेलू विकास को प्रभावित कर सकता है और महंगाई को बढ़ा सकता है।

भारत पर 26% टैरिफ लागू करेगा अमेरिका

भारतीय बाजारों के लिए GIFT Nifty सुबह 5:55 बजे 1% से अधिक गिरकर 23,133.00 पर पहुंच गया, जो नकारात्मक शुरुआत का संकेत देता है।

अमेरिका ने अब भारत पर 26% टैरिफ लगाने का फैसला किया है, जो भारत द्वारा कथित रूप से अमेरिकी वस्तुओं पर लगाए गए 52% शुल्क का आधा है।

व्हाइट हाउस ने यह भी स्पष्ट किया कि ये नए टैरिफ 10% के मौजूदा बेस इम्पोर्ट ड्यूटी के अतिरिक्त होंगे, जो अमेरिका में आयातित सभी वस्तुओं पर लागू होता है।

संभावित आर्थिक और व्यापारिक प्रभाव

इस नई टैरिफ नीति से अमेरिका और उसके व्यापारिक भागीदारों के बीच तनाव और बढ़ सकता है। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बनी रहेगी, जबकि भारत और अन्य देशों को इस पर अपनी प्रतिक्रिया देनी होगी।

Tags:    

Similar News