मंत्री जी की सलाह नई आई रास, पीयूष गोयल पर क्यों भड़के मोहनदास पई?
स्टार्ट अप्स मुद्दे पर मंत्री पीयूष गोयल को आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। इंफोसिस के पूर्व CFO रहे मोहनदास पई ने कहा कि सवाल यह कि मंत्री जी ने किया क्या है।;
Startup Debate: केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल द्वारा भारतीय स्टार्टअप समुदाय को फूड डिलीवरी ऐप्स से ध्यान हटाकर हाई-टेक सेक्टर (जैसे सेमीकंडक्टर, रोबोटिक्स, AI) पर फोकस करने की सलाह देने के बाद, इंफोसिस के पूर्व CFO मोहंदास पई ने सोशल मीडिया पर कड़ा पलटवार किया है। उन्होंने मंत्री से सवाल किया कि उन्होंने अब तक स्टार्टअप्स की मदद के लिए क्या किया है?
“हमारे स्टार्टअप्स को नीचा मत दिखाइए”
एक्स (पूर्व ट्विटर) पर मोहंदास पई ने लिखा कि भारत में चिप डिज़ाइन, IoT, रोबोटिक्स, EV चार्जिंग, BMS जैसे क्षेत्रों में कई छोटे-छोटे डीप-टेक स्टार्टअप्स तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन पूंजी कहां है? 2014 से 2024 के बीच भारतीय स्टार्टअप्स को 160 बिलियन डॉलर मिले, जबकि चीन को 845 बिलियन डॉलर और अमेरिका को 2.3 ट्रिलियन डॉलर। उन्होंने आगे लिखा "लॉन्ग टर्म निवेशक जैसे एंडोमेंट्स और इंश्योरेंस कंपनियां अब भी निवेश नहीं कर रहीं, जबकि आपने प्रयास किए। इस स्थिति को सुधारिए। AIF में निवेश घट रहा है और नियमों की अधिकता परेशानी बढ़ा रही है। RBI विदेशी निवेशकों को रेमिटेंस में परेशान करता है। हमारे पास EV बसों के लिए तकनीक है, लेकिन अधिकांश बसें PSU द्वारा चलाई जाती हैं इन्हें कैसे बेचें? कृपया स्टार्टअप्स की मदद कीजिए।
एक दूसरे पोस्ट में पई ने लिखा PiyushGoyal को हमारे स्टार्टअप्स को नीचा दिखाने के बजाय खुद से पूछना चाहिए कि उन्होंने डीप-टेक स्टार्टअप्स को बढ़ाने के लिए अब तक क्या किया है? दूसरों पर उंगली उठाना आसान है।"
Zepto के को-फाउंडर आदित पलिचा की भी तीखी प्रतिक्रियाZepto के सह-संस्थापक आदित पलिचा ने भी मंत्री के बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने लिखा "भारत में कंज्यूमर इंटरनेट स्टार्टअप्स की आलोचना करना आसान है, खासकर जब आप उनकी तुलना अमेरिका/चीन के डीप-टेक एक्सीलेंस से करते हैं। लेकिन हकीकत यह है कि आज Zepto पर लगभग 1.5 लाख लोग अपनी आजीविका चला रहे हैं।"
पीयूष गोयल का बयान क्या था?
स्टार्टअप महाकुंभ कार्यक्रम में मंत्री गोयल ने कहा:"क्या हम डिलीवरी बॉय-गर्ल बनकर ही खुश रहेंगे? क्या यही भारत का भविष्य है? आइसक्रीम या चिप्स बनाना स्टार्टअप नहीं, बल्कि उद्यमिता है। चीन क्या कर रहा है – रोबोटिक्स, मशीन लर्निंग, 3D मैन्युफैक्चरिंग… हमें भी उसी दिशा में जाना होगा। उन्होंने यह भी कहा कि भारत को भविष्य के लिए तैयार करने वाले स्टार्टअप्स की ज़रूरत है। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार ऐसे स्टार्टअप्स का साथ देगी और मार्गदर्शन करेगी जो चुनौतियों का सामना कर रहे हैं।
पीयूष गोयल के बयान ने देश के स्टार्टअप जगत में नई बहस छेड़ दी है — क्या हमें रोजमर्रा की सेवाओं पर फोकस करना चाहिए या डीप-टेक और नवाचार आधारित स्टार्टअप्स की ओर कदम बढ़ाना चाहिए? इस बहस में कहीं न कहीं सरकार की नीतियों, पूंजी की उपलब्धता और स्टार्टअप्स की जमीनी चुनौतियां सामने आ रही हैं।