लाल किला ब्लास्ट केस: महिला मॉड्यूल बनाने की साजिश का खुलासा, NIA ने बरामद की नकदी
NIA अब तक इस केस में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह वही मॉड्यूल है, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने 'व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल' के रूप में उजागर किया था।
दिल्ली में 10 नवंबर को हुए ब्लास्ट से जुड़े 'व्हाइट-कॉलर टेरर मॉड्यूल' मामले में गिरफ्तार डॉ. शाहीन शाहिद से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहीन ने माना कि वह महिलाओं को भर्ती कर आतंकी कार्रवाई करवाना चाहती थी। NIA की टीम गुरुवार को डॉ. शाहीन को अल-फ़लाह यूनिवर्सिटी लेकर गई, जहां वह फार्माकोलॉजिस्ट के तौर पर काम करती थीं। तलाशी के दौरान उनके हॉस्टल रूम से ₹18.5 लाख नकद, सोने की बिस्किट और विदेशी मुद्रा बरामद की गई है।
उत्तराखंड से दो और गिरफ्तार
लाल किले के पास कार ब्लास्ट मामले में NIA ने उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा इलाके से दो लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम मोहम्मद आसिफ और नजर कमाल है। आसिफ बिलाली मस्जिद का इमाम है। जबकि, नजर कमाल इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। इनकी गिरफ्तारी डॉ. उमर नबी (मुख्य आरोपी) के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल्स से मिले सुराग के आधार पर की गई। दोनों को दिल्ली ले जाया गया है।
दिल्ली की एक अदालत ने लाल किला ब्लास्ट केस में गिरफ्तार तीन डॉक्टर और एक मौलवी को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। इनमें मुअज्ज़मिल गनाई, अदील राथर, शहीना सईद और मौलवी इरफान अहमद वगाय शामिल है। प्रिंसिपल और सेशन जज अंजू बजाज चांदना ने यह आदेश दिया।
देशभर में छापेमारी जारी
NIA अब तक इस केस में 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। यह वही मॉड्यूल है, जिसे जम्मू-कश्मीर पुलिस ने “व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल” के रूप में उजागर किया था। एजेंसी ने कहा कि वह अभी भी आत्मघाती हमले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और विभिन्न राज्यों में स्थानीय पुलिस के सहयोग से छापेमारी जारी है।