उद्योगपति की बहू की कथित आत्महत्या में FIR दर्ज, पति पर हिंसा और अवैध संबंध के आरोप

परिवार का आरोप दीप्ति को सामाजिक रूप से अलग किया गया, फोन छीन लिया गया और लगातार अपमानित किया गया; परिवार ने CBI जांच की मांग की।

Update: 2025-11-30 06:37 GMT

Dipti Chaurasia Suicide Case : दिल्ली के वसंत विहार में उद्योगपति परिवार की बहू दीप्ति चौरसिया आत्महत्या मामले में दिल्ली पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। ये FIR दीप्ती की माँ की शिकायत पर दर्ज की गयी है, जिसमें दीप्ती के पति और ससुराल पक्ष पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। मृतका की मां ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी को शादी के शुरुआती महीनों से ही लगातार मानसिक, शारीरिक और सामाजिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। उन्होंने इसे आत्महत्या नहीं, बल्कि दीर्घकालिक हिंसा और अत्याचार का परिणाम बताया है और CBI जांच की मांग की है।

शिकायतकर्ता, जो मूल रूप से केशव अपार्टमेंट, किंग्स रोड, हावड़ा, पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं और नवंबर 2016 से वसंत कुंज, दिल्ली में रह रही हैं, ने पुलिस को दिए बयान में कई गंभीर आरोप लगाए हैं, जिनकी FIR दर्ज कर ली गई है।




 



मेरी बेटी को तन-मन से तोड़ दिया गया: मां का आरोप

मृतका की मां ने पुलिस को दिए अपने बयान में कहा है की “अरपित चौरसिया और उषा चौरसिया ने मेरी बेटी को सालों तक प्रताड़ित किया। मानसिक, शारीरिक और सामाजिक यातना ने उसे अंदर से तोड़ दिया। इसी मजबूरी में उसे अपनी जान लेनी पड़ी। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि निरंतर यातना का नतीजा है। मुझे अपनी बेटी के लिए इंसाफ चाहिए।”

उन्होंने यह भी मांग की है कि मामले की गहराई से जांच की जाए और CBI को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाए।


शादी के बाद से शुरू हुई प्रताड़ना, गर्भावस्था में मारपीट

दीप्ति की शादी 2 दिसंबर 2010 को अरेंज मैरिज के तहत अरपित चौरसिया से दिल्ली में हुई। FIR के अनुसार, शादी के केवल कुछ ही महीनों बाद फरवरी–मार्च 2011 में, जब दीप्ति गर्भवती थीं, उनके पति अरपित और सास उषा चौरसिया ने उन्हें पहली मंज़िल से घसीटकर नीचे लाया और बुरी तरह पीटा।
घटना की जानकारी मिलने पर मृतका का मायका पक्ष तुरंत दिल्ली पहुंचा। वहां ससुरालवालों ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कहा कि दोबारा ऐसा नहीं होगा। इस आधार पर मामले को तत्काल शांत कर दिया गया।

पति के अवैध संबंध और गुप्त शादी का आरोप

बच्चे (आहान) के जन्म के केवल एक महीने बाद, दीप्ति को पति के मुंबई में चल रहे एक अवैध संबंध का पता चला। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि अरपित ने उस महिला—तनिशा सिंह उर्फ बाखा सिंह चौरसिया—से कथित तौर पर गैरकानूनी शादी कर रखी थी और उससे एक बच्ची भी थी।
इन खुलासों के बाद, दीप्ति और उनका नवजात बेटा अहान दोनों को हावड़ा लाकर मायके में रखा गया।

समाज में बात उजागर न करने का दबाव, लिखित माफी और गारंटी

लगभग एक वर्ष बाद, 2012 में पति और ससुराल पक्ष हावड़ा पहुंचे और परिजनों से समाज में बात न फैलाने की अपील की। उन्होंने दीप्ति को “बेटी बनाकर रखने” की बात कही और भरोसा दिया कि आगे किसी तरह का अपमान या हिंसा नहीं होगी।
इसके बाद दीप्ति को अहान के साथ विदा कर दिया गया। इसी दौरान, अरपित ने लिखित में यह गारंटी दी कि वह पत्नी के साथ किसी भी प्रकार का हिंसक या अपमानजनक व्यवहार नहीं करेगा। शिकायतकर्ता के अनुसार, यह दस्तावेज़ अभी भी हावड़ा स्थित घर में सुरक्षित है।

2-3 साल बाद फिर शुरू हुआ दुर्व्यवहार, सामाजिक बहिष्कार और फोन पर पाबंदी

कुछ वर्षों तक स्थिति सामान्य रही, लेकिन फिर से अरपित और उसकी मां का व्यवहार बिगड़ने लगा। FIR के अनुसार:

दीप्ति को सामाजिक कार्यक्रमों से दूर रखा जाता था

परिवार और समाज में उसके बारे में गलत बातें फैलाकर बदनाम किया जाता था

घर में उसे अक्सर अकेला छोड़ दिया जाता

रात में पति देर रात कभी-कभी 12–1 बजे—घर लौटकर झगड़ा करता

शराब और ड्रग्स का सेवन करता था

अपने फोन पर कई ताले लगाकर रखता और पत्नी को छूने भी नहीं देता

उसी दौरान दीप्ति की बेटी आदृति का जन्म हुआ।

अप्रैल 2024 में बड़ा विवाद: अश्लील वीडियो और चैट का खुलासा

शिकायत के अनुसार, अप्रैल 2024 में एक रात अरपित दुबई से लौटकर आया और नशे में था। उसने दीप्ति के सामने फोन अनलॉक किया, और बाद में सो जाने पर दीप्ति ने फोन दोबारा खोलकर देखा। उसमें अश्लील वीडियो, तस्वीरें तथा एक लड़की और एक युवक से संबंधित चैट मिलीं—जिन्हें उसने अगले दिन पति से लेकर विवाद किया।

विवाद इतना बढ़ा कि अरपित फोन लेकर वसंत विहार में अपने बड़े भाई के घर की ओर भागा। रास्ते में उसने दीप्ति का फोन छीनकर तोड़ दिया। किसी तरह दीप्ति जेठ के घर पहुंचीं और मायके वालों को बुलाया।

इसके बाद दीप्ति और दोनों बच्चों को वसंत कुंज स्थित उनके माता-पिता के घर ले जाया गया, जहां वे लगभग एक महीने रहीं। फिर सास एक बार फिर हाथ जोड़कर आईं और आश्वासन देकर बेटी और बच्चों को ले गईं।

लेकिन दो–तीन महीनों में ही उत्पीड़न फिर से शुरू हो गया।

25 नवंबर की सुबह तक सब सामान्य, फिर अचानक मौत की सूचना

शिकायतकर्ता के अनुसार, 25 नवंबर की सुबह 7.30 बजे दीप्ति ने अपनी मां को फोन किया:

घर में अहान के मोबाइल को लेकर फिर से झगड़ा हुआ था

वह मानसिक रूप से परेशान लग रही थी

मां ने उसे शांत कराया और कॉल समाप्त की। कुछ देर बाद जब उन्होंने दोबारा फोन किया, तो कोई जवाब नहीं मिला। बार-बार कॉल करने पर भी फोन नहीं उठा।

सास ने बताया कि वह एयरपोर्ट पर हैं।
पति ने कहा कि वह जिम से घर लौट रहा है।

करीब दोपहर 12 बजे, परिवार को फोन आया कि दीप्ति अस्पताल में है और उसकी मृत्यु हो चुकी है।

परिजन तुरंत वसंत विहार स्थित होली एंजेल अस्पताल पहुंचे, जहां उन्हें दीप्ति का शव मिला।

जांच जारी, परिवार न्याय की मांग पर अडिग

पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिवार का आरोप है कि दीप्ति की मौत एक सुनियोजित अत्याचार, हिंसा और मानसिक प्रताड़ना का दुखद अंत है।

परिजनों का कहना है कि जब तक सभी कोनों से जांच नहीं की जाती ससुरालवालों की भूमिका, पति के अवैध संबंध, वित्तीय विवाद, फोन का डेटा, घरेलू हिंसा का इतिहास तब तक सच सामने नहीं आएगा।


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