क्या आप जानते हैं? Pratik Gandhi की Scam 1992 को हर OTT प्लेटफॉर्म ने किया था रिजेक्ट

हाल ही में एक इंटरव्यू में डायरेक्टर हंसल मेहता ने चौंकाने वाला खुलासा किया.;

Update: 2025-04-16 14:22 GMT

2020 में रिलीज हुई प्रतीक गांधी स्टारर वेब सीरीज Scam 1992: द हर्षद मेहता स्टोरी आज भी भारत की सबसे चर्चित और सफल थ्रिलर सीरीज मानी जाती है, लेकिन हाल ही में एक इंटरव्यू में डायरेक्टर हंसल मेहता ने चौंकाने वाला खुलासा किया कि इस शो को शुरुआत में हर OTT प्लेटफॉर्म ने रिजेक्ट कर दिया था.

हंसल मेहता ने बताया, हमने 2017 में शो साइन किया था. 3-4 साल इसकी स्क्रिप्ट पर मेहनत की. 2019 में शूटिंग शुरू की और फिर 2020 में रिलीज किया. शो को लेकर उनका कॉन्फिडेंस बहुत था, लेकिन उन्होंने कहा, हमें लगा कि इतना जबरदस्त शो है. कोई भी प्लेटफॉर्म इसे ले लेगा. लेकिन हर किसी ने मना कर दिया. सबका सवाल यही था कि प्रतीक गांधी कौन है?

SonyLiv ने दी हरी झंडी, पर शुरुआत में था भरोसा नहीं

जब SonyLiv ने शो लेने की बात कही तो हंसल मेहता खुद भी बहुत उत्साहित नहीं थे. SonyLiv नया प्लेटफॉर्म था. लॉकडाउन का प्रेशर भी था. उन्हें जल्दी रिलीज चाहिए थी. तब हमें लगा कि कोई इसे देखेगा भी नहीं.

Sameer Nair और Applause का बड़ा योगदान

उन्होंने आगे बताया कि Applause Entertainment और उसके प्रमुख Sameer Nair ने शो को संभव बनाने में बड़ी भूमिका निभाई. मैंने कहा कि मुझे प्रतीक गांधी को लेना है. उन्होंने बिना किसी हिचक के हां कहा. मैंने उन्हें अचिंत का म्यूज़िक सुनाया बस एक स्क्रैच ट्रैक था, लेकिन Sameer ने तुरंत कह दिया. चलो बनाते हैं. रिस्क प्लान से नहीं, इंस्टिंक्ट से लिया जाता है. हंसल मेहता ने जोर देकर कहा कि रिस्क लेना कोई प्लानिंग नहीं होती. वो एक क्रिएटिव इंस्टिंक्ट होता है और Sameer ने उस इंस्टिंक्ट पर भरोसा किया. हमें लगा कोई देखेगा ही नहीं 31 मई 2020 को जब Sony Liv ने उन्हें कॉल कर फोटो मांगी तो हंसल चौंक गए. उन्होंने कहा, मैंने सोचा ये कौन देखेगा? ये तो वैसा प्लेटफॉर्म है जिस पर कोई आता ही नहीं.

हमारी टीम का मनोबल गिर गया था पर Sameer Nair ने उन्हें समझाया, यही वो प्लेटफॉर्म है जो शो को प्यार देगा. ध्यान रखेगा और वही हुआ. शो ने इतिहास रच दिया. आज Scam 1992 को हर कोई याद करता है. प्रतीक गांधी को एक नई पहचान मिली और हंसल मेहता के करियर का ये एक टर्निंग पॉइंट बन गया. उन्होंने अंत में कहा, हमारा मनोबल गिरा हुआ था, लेकिन हमने एक-दूसरे को उठाया और फिर इतिहास बना दिया. कभी ठुकराया गया आज की मिसाल बन गया Scam 1992 एक सच्ची कहानी नहीं, बल्कि एक प्रेरणा है.

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