चक्रवात दित्वाह का कहर: दक्षिण भारत में भारी बारिश, श्रीलंका में इमरजेंसी लागू

भारत पहुंचने से पहले चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। राष्ट्रपति ने आपातकाल लागू किया है।

Update: 2025-11-29 17:56 GMT
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चक्रवात 'दित्वाह' तेजी से दक्षिण भारत की तरफ बढ़ रहा है। इसके असर से तमिलनाडु, पुड्डुचेरी और आंध्र प्रदेश में भारी बारिश और तेज हवाएं चल रही हैं। मौसम विभाग ने अगले चार दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है। एयर इंडिया ने कहा है कि चक्रवात के कारण चेन्नई और दक्षिण भारत के कई शहरों की उड़ानें प्रभावित हो सकती हैं। यात्रियों को एयरपोर्ट जाने से पहले अपनी फ्लाइट स्टेटस चेक करने की सलाह दी गई है।

पुड्डुचेरी में रेड अलर्ट

पुड्डुचेरी प्रशासन ने रेड अलर्ट जारी किया है। लोगों को घर से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है। स्कूल और कॉलेज अगले आदेश तक बंद रखने को कहा गया है। मछुआरों को समुद्र में जाने से मना किया गया है। इसके अलावा 60 सदस्यीय बचाव दल तैनात किया गया है। सुबह से ही आसमान बादलों से घिरा है और लगातार तेज बारिश हो रही है।

तमिलनाडु में तेज बारिश

तमिलनाडु के रमनाथपुरम और नागपट्टिनम में तेज बारिश से जनजीवन प्रभावित है। चेन्नई एयरपोर्ट पर 54 उड़ानें रद्द और कई ट्रेनों के रूट बदले गए हैं। करीब 1 लाख एकड़ फसल पानी में डूब गई है। सरकार ने 6000 राहत शिविर तैयार किए है। नागपट्टिनम में हुई बारिश ने 9,000 एकड़ नमक के खेत भी बर्बाद कर दिए।

आंध्र प्रदेश में तेज हवा का अलर्ट

आंध्र प्रदेश में 30 नवंबर से 3 दिसंबर तक भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट है। हवाएं 70 किमी प्रति घंटे तक चल रही हैं। मछुआरों को समुद्र में जाने की मनाही है।

चक्रवात का नाम ‘दित्वाह’ क्यों?

इस चक्रवात का नाम यमन ने सुझाया था। "दित्वाह" यमन के सोकोट्रा द्वीप पर स्थित दित्वाह लैगून के नाम पर रखा गया है।

श्रीलंका में भारी तबाही

भारत पहुंचने से पहले चक्रवात दित्वाह ने श्रीलंका में भारी तबाही मचाई है। राष्ट्रपति ने आपातकाल लागू किया है। अस्पताल, सेना और राहत एजेंसियों को तेज़ी से काम करने का आदेश दिया गया है। अब तक 123 लोगों की मौत, 130 लोग लापता हैं। भारत ने श्रीलंका के लिए बड़ी मानवीय सहायता भेजी है।

भारत का रेस्क्यू ऑपरेशन

भारत ने श्रीलंका की मदद के लिए सेना, नौसेना और वायुसेना को लगाया है।

भेजी गई सहायता

⦁ INS विक्रांत और INS उदयगिरी से 4.5 टन सूखा राशन, 2 टन ताजा राशन।

⦁ C-130J विमान से 12 टन राहत सामग्री (टेंट, कंबल, हाइजीन किट, फूड पैकेट)।

⦁ IL-76 विमान से 9 टन सामान, 80 NDRF जवान, 4 डॉग स्क्वॉड, 8 टन उपकरण।

⦁ 2 चेतक हेलीकॉप्टर श्रीलंका एयरफोर्स के साथ रेस्क्यू में लगे।

⦁ कोलंबो एयरपोर्ट पर फंसे भारतीयों के लिए भोजन और पानी की व्यवस्था।

⦁ INS सुकन्या भी राहत सामग्री लेकर श्रीलंका रवाना हो चुका है।

भारत ने कहा कि संकट की इस घड़ी में वह श्रीलंका के साथ खड़ा है।

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