दिल्ली पुलिस ने किया पाकिस्तान समर्थित टेरर मॉड्यूल का भंडाफोड़, सोशल मीडिया से की गई थी भर्ती

जांच से पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे भट्टी और उसके साथी सोशल मीडिया पर भारतीय युवाओं को निशाना बनाते थे। पैसों का लालच देकर उन्हें भर्ती किया जाता था।

Update: 2025-11-30 16:30 GMT
दिल्ली पुलिस ने टेरर मॉड्यूल के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल (ईस्टर्न रेंज) ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहज़ाद भट्टी द्वारा संचालित एक अंतरराष्ट्रीय और इंटर-स्टेट आतंकवादी मॉड्यूल को ध्वस्त कर दिया है। इस कार्रवाई में तीन मुख्य ऑपरेटिव- विकास प्रजापति उर्फ बेटू, हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकारनप्रीत, और आसिफ उर्फ आरिश—को गिरफ़्तार किया गया है। गिरफ़्तार आरोपियों से एक सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 10 कारतूस और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं जिनमें पाकिस्तान स्थित हैंडलर्स से incriminating चैट्स मौजूद थीं।

स्पेशल सेल के मुताबिक, यह मॉड्यूल 25 नवंबर 2025 को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर हुए ग्रेनेड अटैक में शामिल था।

कौन हैं गिरफ़्तार आरोपी?

1. विकास प्रजापति उर्फ बेटू (19), दतिया—मध्य प्रदेश

शहज़ाद भट्टी से इंस्टाग्राम पर जुड़ा और तेज़ पैसे कमाने के लालच में हथियार तस्करी और आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया। भट्टी ने उसे गुरदासपुर भेजा जहां उसने एक पैकेट से ग्रेनेड निकाला, वीडियो कॉल पर उसकी एक्टिवेशन विधि सिखाई गई।

विकास ने पुलिस स्टेशनों की रेकी कर वीडियो पाकिस्तान भेजा और बाद में यही ग्रेनेड हरगुनप्रीत को सौंपा।

2. हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकारनप्रीत (19), फिरोजपुर—पंजाब

क्लास-12 पास यह युवक ग्रेनेड अटैक में मुख्य भूमिका में था। भट्टी और उसके नेटवर्क से जुड़े एक दोस्त के ज़रिए संपर्क में आया। 25 नवंबर को साथी के साथ बाइक पर पहुंचकर उसने गुरदासपुर पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंका।

3. आसिफ उर्फ आरिश (22), बिजनौर—उत्तर प्रदेश

क्लास-5 पढ़ा आसिफ भी इंस्टाग्राम के ज़रिए भट्टी के संपर्क में आया। उसे पंजाब में ग्रेनेड हमला करने के निर्देश दिए गए थे और लोकेशन मैप भी भेजा गया। भट्टी ने उसे आगे की कार्रवाई के इंतज़ार में रखा था।

कैसे बेनकाब हुआ मॉड्यूल?

स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज टीम पाकिस्तान-स्थित शहज़ाद भट्टी की ऑनलाइन गतिविधियों पर लंबे समय से नज़र रख रही थी। इसी दौरान पता चला कि विकास प्रजापति उससे लगातार सोशल मीडिया पर बात कर रहा है।

कड़ी निगरानी में चल रही टीम ने 48 घंटे की लगातार खोज के बाद विकास को इंदरगढ़ (दतिया) से दबोच लिया। उससे पूछताछ और डिजिटल फॉरेंसिक के आधार पर बाकी दोनों आरोपियों को भी पकड़ा गया।

मॉडस ऑपरेंडी: सोशल मीडिया से भर्ती, पैसों का लालच

जांच से पता चला है कि पाकिस्तान में बैठे भट्टी और उसके साथी सोशल मीडिया पर भारतीय युवाओं को निशाना बनाते थे। पैसों का लालच देकर उन्हें भर्ती किया जाता था। पूरे ऑपरेशन लोकेशन, ग्रेनेड डिलीवरी, रेकी, भुगतान—मोबाइल के ज़रिए रिमोटली संचालित होते थे। युवाओं को एक बार इस्तेमाल होने वाले “फुट सोल्जर” की तरह काम में लिया जाता था।

स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि यह एक संगठित विदेशी आतंकी मॉड्यूल है, जिसे युवा लड़कों को बहला-फुसलाकर ग्रेनेड अटैक जैसे हमलों में इस्तेमाल किया जा रहा था।

दिल्ली पुलिस की कार्रवाई जारी

गिरफ़्तार तीनों आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। स्पेशल सेल की टीमें इस मॉड्यूल के फरार सदस्यों और पाकिस्तान-स्थित हैंडलर्स से जुड़े नेटवर्क की पहचान के लिए आगे की छापेमारी और तकनीकी जांच कर रही हैं।

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