चुनाव आयोग ने BLO का मानदेय किया दोगुना, पर्यवेक्षकों का भी बढ़ा भत्ता
चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में EROs, AEROs, BLO सुपरवाइजर्स और BLOs बेहद मेहनत करते हैं और निष्पक्ष तथा पारदर्शी मतदाता सूची बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
चुनाव आयोग ने शनिवार को बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के मानदेय में बड़ा बदलाव करते हुए इसे 6,000 रुपये से बढ़ाकर 12,000 रुपये प्रति इलेक्शन साइकिल कर दिया। इसी तरह BLO सुपरवाइजर्स के भुगतान को भी 12,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया गया है।
चुनाव आयोग ने अपने बयान में कहा कि मतदाता सूची तैयार करने में EROs, AEROs, BLO सुपरवाइजर्स और BLOs बेहद मेहनत करते हैं और निष्पक्ष तथा पारदर्शी मतदाता सूची बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए BLOs का वार्षिक मानदेय दोगुना करने और सुपरवाइजर्स के भुगतान में वृद्धि करने का फैसला लिया गया है। आयोग के अनुसार, इससे पहले मानदेय की ऐसी समीक्षा 2015 में की गई थी।
Election Commission doubles the remuneration for Booth Level Officers from Rs 6000 to Rs 12,000; enhances remuneration for BLO Supervisors from 12,000 and Rs 18,000 pic.twitter.com/QvSY2TWQfg
— ANI (@ANI) November 29, 2025
BJP ने गठित की राष्ट्रीय समन्वय समिति
इस बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने देशभर में चल रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान मतदाता सूची में खामियों की पहचान और BLOs की समस्याओं को समझने के लिए 7 सदस्यीय राष्ट्रीय समन्वय समिति बनाई है। यह समिति BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग की अध्यक्षता में काम करेगी। इसमें अन्य सदस्यों के तौर पर डॉ. के. लक्ष्मण, के. अन्नामलाई, ओम प्रकाश धनखड़, अल्का गुर्जर, डॉ. अनिर्बन गांगुली और जम्यांग सेरिंग नामग्याल शामिल हैं।
समिति ने फील्ड विज़िट भी शुरू कर दी है। शनिवार को डॉ. अनिर्बन गांगुली ने अपने गृह राज्य पश्चिम बंगाल के नदिया जिले का दौरा किया और मतदाता सूची संशोधन की प्रगति का जायजा लिया। यह टीम 1 दिसंबर तक पश्चिम बंगाल की लगातार निगरानी करेगी, जहां अगले वर्ष विधानसभा चुनाव होने हैं।
BLOs की मौतों ने बढ़ाई चिंता
इस समीक्षा अभियान के दौरान केरल, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश सहित 12 राज्यों में कई BLOs की आत्महत्या या संदिग्ध मौतों की खबरें सामने आई हैं, जिसने चिंता बढ़ा दी है। पिछले सप्ताह कोलकाता में BLOs की पुलिस से झड़प हुई, जब वे कथित अत्यधिक काम के दबाव के खिलाफ मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) के कार्यालय में घुसने की कोशिश कर रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, BLO अधिकार रक्षा समिति के सदस्यों ने कॉलेज स्क्वायर से रैली निकालकर CEO ऑफिस के मुख्य द्वार पर प्रतीकात्मक ताले और बेड़ियां लगाने की कोशिश की।