कल से संसद का शीतकालीन सत्र : सरकार सुधार अभियान के लिए तैयार, विपक्ष SIR मुद्दा उठाएगा

एक तनावपूर्ण राजनीतिक माहौल के बीच परमाणु ऊर्जा, उच्च शिक्षा सुधार और कॉर्पोरेट कानून से जुड़े महत्वपूर्ण विधेयक सत्र में लिए जाएंगे

Update: 2025-11-30 11:43 GMT
रविवार, 30 नवंबर 2025 को नई दिल्ली में संसद के शीतकालीन सत्र से पहले आयोजित सर्वदलीय बैठक के दौरान केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू, अर्जुन राम मेघवाल, राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा और अन्य नेता। (पीटीआई)
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सोमवार से शुरू हो रहे संसद के शीतकालीन सत्र में सरकार अपने सुधार एजेंडे को आगे बढ़ाने की तैयारी में है। नागरिक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र को निजी कंपनियों के लिए खोलने वाले विधेयक सहित कई बड़े सुधारात्मक बिल इस सत्र में पेश किए जाएंगे, जबकि विपक्ष 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के मुद्दे को जोरशोर से उठाने की तैयारी में है।

यह तीन सप्ताह का सत्र ऐसे समय हो रहा है जब बिहार विधानसभा चुनावों में बीजेपी नेतृत्व वाले एनडीए को भारी जीत मिली है। माना जा रहा है कि मानसून सत्र के लगभग बेअसर रहने के बाद सरकार अब सुधारों को तेज गति देने की कोशिश करेगी।

सत्र के एजेंडे में सबसे महत्वपूर्ण ‘परमाणु ऊर्जा विधेयक, 2025’ है, जो भारत में परमाणु ऊर्जा के उपयोग और विनियमन की रूपरेखा तय करता है। इसके अलावा उच्च शिक्षा आयोग (Higher Education Commission of India) विधेयक और आठ अन्य मसौदा कानून भी सत्र की 15 बैठकों में चर्चा के लिए सूचीबद्ध किए गए हैं।

चंडीगढ़ के लिए राष्ट्रपति को सीधे नियम बनाने का अधिकार देने वाले प्रस्तावित विधेयक का सरकार पहले ही राजनीतिक विरोध के चलते पीछे हट चुकी है।

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सत्र में सुचारू समन्वय सुनिश्चित करने के लिए रविवार को सभी दलों के फ़्लोर लीडर्स की बैठक बुलाई। विपक्ष SIR के मुद्दे पर सरकार को घेरने की तैयारी में है, साथ ही दिल्ली में वायु प्रदूषण के मामले को भी जोर से उठाया जाएगा।

उच्च शिक्षा आयोग विधेयक का उद्देश्य विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों को अधिक स्वायत्तता देना और एक पारदर्शी मान्यता प्रणाली के माध्यम से उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है।

राष्ट्रीय राजमार्ग (संशोधन) विधेयक भी पेश किया जाएगा, जिसका उद्देश्य राष्ट्रीय राजमार्गों के लिए भूमि अधिग्रहण को तेज, सरल और पारदर्शी बनाना है।

कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2025 कंपनियों अधिनियम, 2013 और LLP अधिनियम, 2008 में संशोधन कर व्यापार सुगमता बढ़ाने की कोशिश करता है।

सरकार सेक्योरिटीज मार्केट्स कोड विधेयक (SMC), 2025 भी लाने जा रही है। इसका उद्देश्य SEBI अधिनियम 1992, डिपॉजिटरीज़ अधिनियम 1996 और सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट (रेगुलेशन) अधिनियम 1956 को एक एकीकृत और तार्किक कोड में बदलना है।

सरकार मध्यस्थता और सुलह अधिनियम में भी बदलाव की योजना में है। विधि मंत्रालय के अधिकारियों के मुताबिक, धारा 34 में संशोधन और कंपनी निदेशकों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के मद्देनजर इस मुद्दे को समिति को भेजा गया है।

पिछले सत्र के दो विधेयक भी इस सत्र में विचार और पारित करने के लिए सूचीबद्ध हैं। इसके अलावा, वर्ष का पहला अनुपूरक बजट भी एजेंडे में शामिल है।

सत्र का समापन 19 दिसंबर को होगा।

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