वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2025 को राष्ट्रपति की मंज़ूरी, अब पूरे देश में होगा लागू

सरकार का अगला कदम इसे जल्द से जल्द पूरे देश में लागू करना होगा. इसके नियम आदि से पूरे देश को अवगत कराना और उसकी जानकारी लोगों तक पहुँचाना भी इसी क्रम का एक हिस्सा होगा.;

Update: 2025-04-05 18:10 GMT

Waqf Amendment Bill 2025 : संसद के दोनों सदनों से पारित होने के बाद वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2025 को अब राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिल गई है। इससे यह विधेयक अब कानून बन चुका है और इसके प्रावधान देशभर में लागू किए जाएंगे।


तीखी बहस के बीच पारित हुआ विधेयक

इस विधेयक को लेकर संसद में लंबी और तीखी बहस देखने को मिली। विपक्ष ने इसके कई प्रावधानों पर आपत्ति जताई और आरोप लगाया कि सरकार इससे धार्मिक अल्पसंख्यकों की संपत्तियों पर नियंत्रण बढ़ाना चाहती है। कुछ विपक्षी दलों ने यह भी मांग की कि विधेयक को संसद की स्थायी समिति को भेजा जाए ताकि व्यापक चर्चा की जा सके।

वहीं, सरकार का तर्क था कि यह संशोधन वक़्फ़ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए ज़रूरी है। सरकार ने यह भी दावा किया कि इससे वक़्फ़ बोर्डों की जवाबदेही बढ़ेगी और संपत्तियों का सही उपयोग सुनिश्चित होगा।


विधेयक के प्रमुख प्रावधान

विधेयक में कुछ अहम संशोधन किए गए हैं, जिनमें शामिल हैं:

वक़्फ़ संपत्तियों के डिजिटलीकरण और रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को अनिवार्य बनाना

वक़्फ़ बोर्डों को संपत्ति से संबंधित विवादों को हल करने के लिए अधिक अधिकार देना

अनधिकृत कब्ज़ों को हटाने की प्रक्रिया को तेज और सरल बनाना

वक़्फ़ बोर्डों के संचालन में पारदर्शिता लाने के लिए समय-समय पर ऑडिट और रिपोर्टिंग प्रणाली को सख्त करना


सरकार का पक्ष

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने संसद में कहा, “यह संशोधन वक़्फ़ संपत्तियों को संरक्षित करने और उनके दुरुपयोग को रोकने के लिए बेहद आवश्यक है। कई वर्षों से वक़्फ़ संपत्तियों का उचित उपयोग नहीं हो पाया है। यह विधेयक उन कमियों को दूर करेगा।”


विपक्ष की चिंताएं

विपक्षी दलों ने आशंका जताई कि सरकार इस कानून का उपयोग कर अल्पसंख्यक समुदाय की संपत्तियों पर दबाव बना सकती है। कुछ नेताओं ने कहा कि विधेयक में निगरानी और नियंत्रण की शक्तियाँ अत्यधिक केंद्रित हैं, जो वक़्फ़ बोर्डों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकती हैं।


अगला कदम

राष्ट्रपति की मंज़ूरी के बाद अब यह कानून पूरे देश में लागू हो गया है। सरकार जल्द ही इसके तहत नियमों और दिशा-निर्देशों को अधिसूचित करेगी। साथ ही, राज्यों के वक़्फ़ बोर्डों को भी आवश्यक बदलाव करने के लिए कहा जाएगा।

वक़्फ़ (संशोधन) विधेयक 2025 को राष्ट्रपति की मंज़ूरी मिलने के बाद अब इसे लागू करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। कानून के जानकारों के अनुसार कुछ प्रावधान तुरंत लागू किए जा सकते हैं, जबकि कुछ में समय लगेगा, विशेषकर कलेक्टर द्वारा की जाने वाली जांच प्रक्रिया को लेकर।

विधेयक में वक़्फ़ संपत्तियों के निर्धारण से जुड़ा अधिकार वक़्फ़ बोर्ड से हटाकर नई प्रक्रिया से जोड़ा गया है। सरकारी संपत्तियों और नामित अधिकारियों की भूमिका को भी नियमों के माध्यम से स्पष्ट किया जाएगा।

अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय नियमों का मसौदा तैयार कर रहा है। नियमों को कानून बनने के छह महीने के भीतर प्रकाशित करना होगा। जिन नियमों के लिए सार्वजनिक सुझाव की आवश्यकता होगी, उनमें समय सीमा बढ़ सकती है।


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