वक्फ संशोधन विधेयक: बीजेपी को कुछ मुस्लिम वर्गों से मिल सकता है समर्थन

Waqf Amendment Bill in Parliament: वक्फ संशोधन विधेयक का पारित होना बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम होगा, जो अल्पसंख्यकों के प्रति पार्टी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है.;

Update: 2025-04-01 18:12 GMT
वक्फ संशोधन विधेयक: बीजेपी को कुछ मुस्लिम वर्गों से मिल सकता है समर्थन
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Waqf Amendment Bill: बीजेपी द्वारा लाया गया वक्फ संशोधन विधेयक अब संसद में मंजूरी के लिए तैयार है. पार्टी अपने सहयोगियों को यह समझाने में सफल रही है कि इस विधेयक का समर्थन उन्हें क्या लाभ देगा. वहीं, विपक्षी दलों का इंडिया गठबंधन इस विधेयक के खिलाफ एकजुट होकर विरोध कर रहा है. उनका कहना है कि यह विधेयक मुसलमानों के अधिकारों और उनके हितों को नुकसान पहुंचाता है.

बीजेपी का दूसरा बड़ा कदम

यदि बीजेपी यह विधेयक लोकसभा और राज्यसभा दोनों से पारित कराने में सफल होती है तो यह पार्टी के लिए अल्पसंख्यक समुदाय के लिए एक और बड़ा परिवर्तन होगा. इससे पहले 2019 में तीन तलाक को अवैध घोषित किया गया था. हालांकि, अब और तब में एक बड़ा फर्क है. 2019 में बीजेपी के पास लोकसभा में पूर्ण बहुमत था. जबकि इस बार वह सरकार की स्थिरता के लिए अपने गठबंधन सहयोगियों के समर्थन पर निर्भर है.

सहयोगियों को कैसे मनाया?

बीजेपी के सामने पहले चुनौती आई कि अपने प्रमुख सहयोगियों, जैसे चंद्रबाबू नायडू और नीतीश कुमार को कैसे मनाया जाए, जिनका मुसलमानों में अच्छा खासा समर्थन है. दोनों नेताओं ने वक्फ संशोधन विधेयक के पक्ष में समर्थन दिया और अपने सांसदों को इसे पारित करने के लिए व्हिप जारी किया. हालांकि, पहले JD(U) ने कहा था कि वह इस विधेयक को पूर्वव्यापी रूप से लागू करने के खिलाफ है और उम्मीद जताई थी कि सरकार उनकी मांगों पर विचार करेगी.

गरीब मुसलमानों का समर्थन

बीजेपी ने वक्फ संशोधन विधेयक को एक सुधारात्मक कदम के रूप में पेश किया है. जो मुसलमानों के गरीब और कमजोर वर्ग के लिए फायदेमंद होगा. पार्टी का कहना है कि इस विधेयक से उन मुसलमानों को लाभ मिलेगा, जिनका वक्फ संपत्तियों पर कोई नियंत्रण नहीं था. पार्टी के अनुसार, यह विधेयक मुस्लिम समुदाय के गरीब, महिलाओं और अन्य कमजोर वर्गों के लिए है, जो अब तक अपने अधिकारों से वंचित थे.

महिलाओं और बच्चों का समर्थन

वक्फ संशोधन विधेयक पर संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि हमने 400 पृष्ठों का एक संशोधन तैयार किया है, जो देश के अल्पसंख्यकों की जरूरतों को ध्यान में रखता है. इस कानून का उद्देश्य गरीबों, महिलाओं, अनाथों और विधवाओं का समर्थन करना है. उन्होंने यह भी कहा कि इस विधेयक के जरिए वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि मुस्लिम महिलाओं और कमजोर वर्गों को वक्फ बोर्ड में प्रतिनिधित्व मिल सके.

विरोधियों पर हमला

केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विरोधियों पर तीखा हमला करते हुए कहा कि जो लोग इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं, वे वक्फ संपत्तियों पर अवैध कब्जा करने वाले "शक्तिशाली लोग" हैं. उन्होंने कहा कि इस विधेयक का उद्देश्य गरीब मुसलमानों, महिलाओं और बच्चों के हितों की रक्षा करना है और यह वक्फ बोर्ड के प्रबंधन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करेगा.

गरीब मुसलमानों का सपना सच

बीजेपी के सांसद दिनेश शर्मा ने इस विधेयक को गरीब मुसलमानों के लिए "स्वप्न सच" होने जैसा बताया. उन्होंने कहा कि वक्फ विधेयक गरीब मुसलमानों के लिए बहुत महत्वपूर्ण कदम है. यह उनकी समस्याओं को हल करेगा और वक्फ में हो रही भ्रष्टाचार को समाप्त करेगा. यह विधेयक कमजोर वर्ग के लिए शिक्षा, रोजगार, आवास और बुनियादी जरूरतों का एक रास्ता खोलेगा.

विपक्ष का डर

कुछ बीजेपी नेताओं का मानना है कि विपक्षी दल और कुछ प्रमुख मुस्लिम संगठन इस विधेयक का विरोध कर रहे हैं. क्योंकि उन्हें डर है कि इससे मुसलमानों के बीच बीजेपी के समर्थन में वृद्धि हो सकती है. बीजेपी शायद इस विधेयक के जरिए मुस्लिम समुदाय में गरीब और अमीर के बीच एक विभाजन फिर से उत्पन्न करना चाहती है, जिससे चुनावी लाभ प्राप्त हो सके.

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