राजस्थान: जयपुर में बेसमेंट में पानी भरने से बच्ची समेत 3 की मौत

बचावकर्मियों ने बताया कि जब वे घटनास्थल पर पहुंचे तो पानी 30 फीट ऊपर था. बेसमेंट के निचे बेसमेंट था. सरकार की तरफ से 5 - 5 लाख रुपये मुआवजा देने की घोषणा की गयी है

Update: 2024-08-01 11:45 GMT

Jaipur drowning in Basement: राजस्थान की राजधानी जयपुर के विश्वकर्मा क्षेत्र में दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर जैसा हादसा सामने आया है. यहाँ घर के बेसमेंट में पानी भरने की वजह से एक बच्चे समेत तीन लोगों की मौत हो गयी. घंटों की मशक्कत के बाद तीनों शवों को बाहर निकाला जा सका. जयपुर में बुधवार रात से ही बारिश हो रही थी, जिसकी वजह से विश्वकर्मा नगर में एक घर से सटी एक दीवार ढह गयी, जिसकी वजह से पानी घर के बेसमेंट में पहुँच गया.

न्यूज़ एजेंसी को बेसमेंट से शवों को रेस्क्यू करने वाली रेस्क्यू टीम के एक सदस्य ने बताया कि बेसमेंट के अंदर कम से कम 30 फीट तक पानी भरा हुआ था. सबसे बड़ी चुनौती पानी को बाहर निकलना था, जिसमें लगभग 6 से 7 घंटे का समय लग गया. इस घटना में एक महिला, एक पुरुष और एक बच्ची की मौत हो गयी है. तीनों ही पानी में फंसे हुए थे. मृतकों की पहचान पूजा (19) पुत्री अशोक, अशोक की दोहिती पूर्वी (6) पुत्री हटवारु सैनी और कमल शाह (23) पुत्र बैजनाथ के तौर पर की गयी है. पुलिस का कहना है कि तीनों बिहार के आरा जिला के रहने वाले थे.

मृतकों को पांच पांच लाख रूपये का मुआवजा

इस हादसे पर प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शोक जताते हुए तीन मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रूपये मुआवजा देने की घोषणा की है. 5 - 5 लाख में से 4 - 4 लाख रुपये आपदा राहत और 1 - 1 लाख रुपये मुख्यमंत्री सहायता कोष से दिए जाएंगे. 


बेसमेंट के निचे था एक और बेसमेंट
पुलिस व बचाव दल का कहना है कि बेसमेंट के निचे एक और बेसमेंट बना हुआ था. जिस घर में ये हादसा हुआ, उससे जुडी हुई एक दीवार का एक हिस्सा गिरने से इस घर की दीवार में छेड़ हो गया, जिसकी वजह से अचानक काफी तेजी से पानी बेसमेंट में भर गया. उस समय और भी लोग अन्दर मौजूद थे, लेकिन वे बाहर निकलने में सफल रहे. 

विश्वकर्मा नगर में मजदूर वर्ग के लोगों को किराये पर दिए जाते हैं बेसमेंट 
पुलिस के अनुसार जयपुर का विश्वकर्मा क्षेत्र एक ऐसा इलाका है, जहाँ लगभग प्रत्येक घर में बेसमेंट है. कुछ कुछ घरों में तो दो दो बेसमेंट है, जैसे इस घटनास्थल पर पाया गया है. दरअसल इस इलाके में बेसमेंट को किराए पर देने का काम होता है. इस इलाके में मजदूर वर्ग के लोग बड़ी संख्या में किराए पर रहते हैं. वे लोग बेसमेंट में ही बतौर किरायदार रहते हैं. 

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