ट्रंप के टैरिफ वृद्धि से मंदी की आशंका! वॉल स्ट्रीट में तगड़ी गिरावट, डाउ जोन्स; नैस्डैक व S&P टूटे

Donald Trump tariff hike: ट्रंप द्वारा लगाए गए शुल्कों का असर अमेरिकी और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा पड़ सकता है और मंदी की आशंका अब ज्यादा मजबूत हो गई है.;

Update: 2025-04-04 17:47 GMT

Wall Street plummeting: शुक्रवार को वॉल स्ट्रीट में लगातार दूसरे दिन भारी गिरावट देखी गई, जिसके कारण नैस्डैक एक बियर मार्केट की ओर बढ़ रहा है. इस गिरावट की वजह चीन द्वारा अमेरिकी सामानों पर नए शुल्क लगाने का कदम है. जो ट्रंप प्रशासन की हालिया शुल्क नीति का जवाब है. यह कदम वैश्विक व्यापार युद्ध को और बढ़ाने के साथ-साथ एक संभावित आर्थिक मंदी की चिंताओं को भी जन्म दे रहा है.

अमेरिकी बाजारों में भारी नुकसान

दोपहर 12:53 बजे, डाऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 1,607.09 अंक (3.96%) की गिरावट आई, जो कि 38,938.84 पर पहुंच गया. वहीं, एसएंडपी 500 में 258.10 अंक (4.78%) की गिरावट दर्ज की गई, जो 5,138.49 पर आ गया. नैस्डैक भी 817.82 अंक (4.94%) गिरकर 15,732.78 पर बंद हुआ.

चीन के वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार को घोषणा की कि 10 अप्रैल से वह सभी अमेरिकी सामानों पर 34% अतिरिक्त शुल्क लगाएगा. यह कदम अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस सप्ताह अपने शुल्कों को एक सदी के उच्चतम स्तर तक बढ़ाने के बाद उठाया गया है.

व्यापार युद्ध और मंदी की आशंका

यह शुल्क युद्ध वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल पैदा कर चुका है और मंदी की आशंका को बढ़ा दिया है. निवेश बैंक जेपी मोर्गन ने अब वैश्विक मंदी की संभावना को 60% तक बढ़ा दिया है. जबकि पहले यह आंकड़ा 40% था. नैस्डैक कंपोजिट ने दिसंबर में अपने उच्चतम स्तर से 20% की गिरावट देखी है. यदि यह सूचकांक इस स्तर से नीचे बंद होता है तो यह बियर मार्केट की पुष्टि करेगा.

मार्केट में गिरावट के कारण

एसएंडपी 500 और नैस्डैक इस सप्ताह अपने सबसे बड़े साप्ताहिक नुकसान की ओर बढ़ रहे हैं, जो मार्च 2020 के बाद की सबसे बड़ी गिरावट होगी. वहीं, डाऊ जोन्स भी अक्टूबर 2020 के बाद अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट की ओर बढ़ रहा है. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंदी का खतरा अब एक गंभीर मुद्दा बन गया है. यदि शुल्कों में बढ़ोतरी होती रही तो यह विकास को पूरी तरह से ठप कर सकता है. बाजार इसे पहले से महसूस कर रहा है.

निवेशकों की सतर्कता बढ़ी

गुरुवार को वॉल स्ट्रीट के प्रमुख सूचकांकों में बड़ी गिरावट आई थी, जब ट्रंप ने अधिकांश आयातों पर 10% शुल्क और कई अन्य देशों पर बहुत उच्च शुल्क लगाए थे. इसके परिणामस्वरूप निवेशक अब जोखिमपूर्ण संपत्तियों से बचने लगे हैं और सुरक्षित संपत्तियों जैसे सरकारी बॉन्ड्स और सोने की ओर रुख कर रहे हैं. फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल ने कहा कि ट्रंप के अचानक भारी शुल्कों से महंगाई बढ़ सकती है और आर्थिक वृद्धि पर नकारात्मक असर पड़ सकता है, जिससे केंद्रीय बैंक को भविष्य में कठिन निर्णय लेने होंगे.

चीन की कंपनियों के शेयरों में गिरावट

चीन से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट आई है. JD.com, अलीबाबा और बैदू जैसी कंपनियां 9% से अधिक गिर गईं. इसके अलावा चीन से व्यापार करने वाली अन्य कंपनियां भी गिरावट का शिकार हुईं, जिनमें एप्पल जैसी दिग्गज कंपनियां शामिल थीं, जो 4.7% तक गिरीं.

वोलाटिलिटी इंडेक्स और बैंकों के शेयरों में गिरावट

सीबीओई वोलाटिलिटी इंडेक्स, जिसे वॉल स्ट्रीट का डर सूचकांक कहा जाता है, आठ महीने के उच्चतम स्तर 34.71 पर पहुंच गया. अमेरिकी बैंक के शेयरों में भी गिरावट आई। क्योंकि निवेशक अब केंद्रीय बैंकों से और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कर रहे हैं और शुल्कों से होने वाली मंदी को लेकर चिंतित हैं.

अर्थव्यवस्था और श्रम बाजार पर असर

अमेरिकी श्रम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, मार्च में अमेरिकी अर्थव्यवस्था ने उम्मीद से कहीं ज्यादा नौकरियां जोड़ीं. हालांकि, ट्रंप द्वारा लगाए गए भारी शुल्कों का असर श्रम बाजार पर भविष्य में पड़ सकता है, खासकर जब व्यापारिक विश्वास कमजोर हो रहा है.

मार्केट की स्थिति

NYSE और नैस्डैक पर गिरावट वाले स्टॉक्स ने उन्नति करने वाले स्टॉक्स को क्रमशः 8.82-से-1 और 6.38-से-1 के अनुपात में पछाड़ा. एसएंडपी 500 ने 10 नए 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर दर्ज किए. जबकि नैस्डैक कंपोजिट ने 11 नए उच्चतम स्तर और 946 नए निम्नतम स्तर दर्ज किए.

Tags:    

Similar News