EPFO से पैसा निकालने के झंझट हुए दूर, जानिए कितनी सरल हो गई प्रक्रिया
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के सदस्यों को PF खातों से ऑनलाइन पैसा निकालने के लिए अब बहुत सारी औपाचरिकताओं से नहीं गुजरना पड़ेगा। इसके नए नियम यहां जानिए।;
EPFO Claim की प्रक्रिया को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने थोड़ा आसान बना दिया है। EPFO के सदस्यों को अब तक अपने पीएफ खातों से ऑनलाइन पैसा निकालने के लिए बड़े झंझटों का सामना करना पड़ता था।
आवेदन करते समय आवेदक को UAN (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) या PF नंबर से जुड़े बैंक खाते की चेक लीफ या पासबुक की सत्यापित फोटो कॉपी अपलोड करनी होती थी। लेकिन अब इसकी जरूरत नहीं रहेगी। सरकार ने ये व्यवस्था खत्म कर दी है।
नियमों में बदलाव: EPFO दावे की प्रक्रिया हुई आसान
भविष्य निधि (ईपीएफ) से ऑनलाइन धनराशि निकालने की प्रक्रिया अब और सरल हो गई है। कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) ने ऑनलाइन दावे के लिए कैंसिल्ड चेक की फोटो अपलोड करने और कंपनी द्वारा बैंक खाते के सत्यापन की अनिवार्यता समाप्त कर दी है।
नए नियमों से यह होगा फायदा
अब ईपीएफओ सदस्यों को ऑनलाइन धन निकासी के लिए चेक लीफ या पासबुक की सत्यापित फोटो कॉपी अपलोड करने की जरूरत नहीं होगी।
नियोक्ता की मंजूरी के बिना भी दावे की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी, जिससे 14.95 लाख से अधिक सदस्यों को त्वरित लाभ मिलेगा।
इससे नियोक्ता पर कार्यभार कम होगा और दावा प्रक्रिया में लगने वाला औसतन 13 दिनों का समय घट जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट का असर
ईपीएफओ ने शुरुआत में कुछ केवाईसी-अपडेटेड सदस्यों के लिए पायलट आधार पर छूट दी थी। 28 मई 2024 को पायलट लॉन्च के बाद से अब तक 1.7 करोड़ से अधिक ईपीएफ सदस्य इस सुविधा का लाभ उठा चुके हैं। सफल पायलट परीक्षण के बाद, अब यह सुविधा सभी सदस्यों को प्रदान कर दी गई है।
कैसे होगा बैंक खाता सत्यापन?
जो सदस्य अपना बैंक खाता बदलना चाहते हैं, वे आधार-आधारित ओटीपी के माध्यम से विधिवत प्रमाणित आईएफएससी कोड के साथ अपना नया बैंक खाता दर्ज कर सकते हैं। इससे दावे की प्रक्रिया और भी तेज हो जाएगी।
नए नियमों का व्यापक प्रभाव
वर्तमान में हर महीने अंशदान करने वाले 7.74 करोड़ ईपीएफओ सदस्यों में से 4.83 करोड़ ने अपने बैंक खातों को यूएएन से जोड़ लिया है। पहले नियोक्ता के स्तर पर 14.95 लाख से अधिक स्वीकृतियां लंबित थीं, जो अब तुरंत निष्पादित की जा सकेंगी।
नए नियमों से न केवल ईपीएफओ की दावा निपटान प्रक्रिया तेज होगी, बल्कि सदस्यों की शिकायतें भी कम होंगी।