जस्टिस यशवंत वर्मा ने ली इलाहाबाद हाईकोर्ट में शपथ, विवादों के बीच नहीं सौंपा गया न्यायिक कार्य

Justice Yashwant Verma: ऐसा कहा जाता है कि जस्टिस वर्मा का दिल्ली से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर भारत के मुख्य न्यायाधीश द्वारा शुरू की गई एक जांच के कारण हुआ.;

Update: 2025-04-05 12:05 GMT

Justice Yashwant Verma took oath: शनिवार को जस्टिस यशवंत वर्मा ने इलाहाबाद हाई कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली. हालांकि, फिलहाल उन्हें कोई भी न्यायिक काम नहीं सौंपा जाएगा. बता दें कि जस्टिस वर्मा को लेकर इन दिनों एक बड़ा विवाद चल रहा है. पिछले महीने उनके घर से कुछ जलकर क्षतिग्रस्त पैसों के बोरों की बरामदी की खबर आई थी.

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शपथ ग्रहण के बाद भी उन्हें कोई भी न्यायिक काम नहीं सौंपा जाएगा. जस्टिस वर्मा का दिल्ली हाई कोर्ट से इलाहाबाद हाई कोर्ट में ट्रांसफर भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) द्वारा शुरू की गई एक जांच के कारण हुआ. यह जांच उस घटना से जुड़ी है, जिसमें उनके घर से "चार से पांच क्षतिग्रस्त बोरों" में रुपए के नोट मिले थे, जो एक आग की घटना के बाद मिले थे.

इस मामले में बुधवार को इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच में एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई थी. वकील विकास चतुर्वेदी द्वारा दायर की गई इस याचिका में शपथ ग्रहण समारोह को रोकने की मांग की गई थी. याचिका में हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से यह अनुरोध किया गया था कि जांच पूरी होने तक जस्टिस वर्मा को शपथ न दिलाई जाए.

इस विवाद ने कानूनी समुदाय में भी विरोध पैदा किया है. इलाहाबाद हाई कोर्ट बार एसोसिएशन ने एक पत्र भेजकर कॉलेजियम के फैसले की आलोचना की. एसोसिएशन ने कहा कि हम कचरे का डिब्बा नहीं हैं और जस्टिस वर्मा की नियुक्ति पर अपनी निराशा व्यक्त की.

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