राहुल गांधी ने वक्फ बिल पर उठाए सवाल, कहा- 'मुसलमानों पर हमला, अन्य समुदाय भी निशान पर
Rahul Gandhi ने कहा कि मैंने पहले कहा था कि वक्फ बिल मुसलमानों पर हमला करता है. लेकिन इससे भविष्य में अन्य समुदायों को भी निशाना बनाने की एक मिसाल बनेगी.;
Rahul Gandhi attack on Waqf bill: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि संसद द्वारा पारित वक्फ बिल "मुसलमानों पर हमला करता है" और भविष्य में यह अन्य समुदायों को भी निशाना बना सकता है. राहुल गांधी ने माइक्रोब्लॉगिंग साइट X पर एक पोस्ट शेयर करते हुए एक लेख का हवाला दिया, जिसमें यह दावा किया गया था कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) अब वक्फ बिल के पारित होने के बाद कैथोलिक चर्च की ज़मीन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है.
गांधी ने कहा कि मैंने पहले कहा था कि वक्फ बिल मुसलमानों पर हमला करता है. लेकिन इससे भविष्य में अन्य समुदायों को भी निशाना बनाने की एक मिसाल बनेगी. अब आरएसएस ने अपना ध्यान ईसाइयों की ज़मीन पर केंद्रित कर लिया है. उन्होंने संविधान को बचाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि संविधान ही हमारी रक्षा करने वाली ढाल है. इसे बचाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है.
वक्फ बिल पर गांधी
लोकसभा में वक्फ बिल पारित होने के बाद राहुल गांधी ने कहा था कि आरएसएस, भाजपा और उनके सहयोगियों का संविधान पर हमला आज मुसलमानों के लिए है. लेकिन यह भविष्य में अन्य समुदायों को भी निशाना बनाने का एक उदाहरण पेश करता है.
केसी वेणुगोपाल ने भी उठाया सवाल
कांग्रेस के नेता केसी वेणुगोपाल ने भी एक लेख शेयर किया, जिसमें कहा गया था कि कैथोलिक चर्च ने वक्फ बोर्ड से ज़मीन में आगे बढ़कर ज़मीन का मालिकाना हक हासिल कर लिया है. उन्होंने कहा कि पहले एक अल्पसंख्यक समुदाय को निशाना बनाया गया, अब अगला नंबर किसी और का हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट में चुनौती
कांग्रेस के सांसद मोहम्मद जावेद ने शुक्रवार को वक्फ (संशोधन) बिल, 2025 की वैधता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. उन्होंने कहा कि यह बिल संविधान के प्रावधानों का उल्लंघन करता है. याचिका में यह आरोप लगाया गया कि इस बिल ने वक्फ संपत्तियों और उनके प्रबंधन पर "मनमाने प्रतिबंध" लगाए हैं, जो मुस्लिम समुदाय की धार्मिक स्वतंत्रता को कमजोर करता है. यह याचिका वकील अनस तंवीर के माध्यम से दायर की गई, जिसमें कहा गया कि यह बिल मुस्लिम समुदाय के खिलाफ भेदभाव करता है. क्योंकि यह अन्य धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में ऐसे प्रतिबंध नहीं लगाता.
बिल पारित
बता दें कि वक्फ (संशोधन) बिल को राज्यसभा में 128 वोटों के पक्ष में और 95 वोटों के विरोध में पारित किया गया. यह बिल लोकसभा में 3 अप्रैल को 288 वोटों के पक्ष में और 232 वोटों के विरोध में पारित हुआ था.