बैंकॉक में मिले मोदी और यूनुस, शेख हसीना की विदाई के बाद पहली मुलाकात
PM मोदी ने शुक्रवार को थाईलैंड के बैंकॉक में BIMSTEC शिखर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के चीफ एडवाइज़र मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की। दोनों नेता पहली बार मिले।;
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को थाईलैंड के बैंकॉक में बिम्सटेक (BIMSTEC) शिखर सम्मेलन के दौरान बांग्लादेश के चीफ एडवाइज़र मोहम्मद यूनुस से मुलाकात की। यह दोनों नेताओं की पहली औपचारिक मुलाकात थी, जो यूनुस के सत्ता में आने और पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की विदाई के बाद हुई।
इससे एक दिन पहले, दोनों नेताओं को बिम्सटेक नेताओं के रात्रिभोज में एक-दूसरे के पास बैठे हुए भी देखा गया था।
विवाद के बीच हुई मुलाकात
यह मुलाकात ऐसे समय में हुई जब मोहम्मद यूनुस के एक बयान ने विवाद खड़ा कर दिया है। उन्होंने कहा था कि पूर्वोत्तर भारत "स्थलरुद्ध" (landlocked) है और ढाका इस पूरे क्षेत्र के लिए "समुद्र की एकमात्र संरक्षक" है। इस टिप्पणी को लेकर भारत में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं।
भारत का करारा जवाब
20वीं बिम्सटेक मंत्री स्तरीय बैठक में भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने यूनुस के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा: "पूर्वोत्तर भारत तेजी से बिम्सटेक के लिए एक कनेक्टिविटी हब के रूप में उभर रहा है।
यहां सड़कों, रेलमार्गों, जलमार्गों, पावर ग्रिड और पाइपलाइनों का एक मजबूत नेटवर्क विकसित हो रहा है। त्रिपक्षीय राजमार्ग (Trilateral Highway) का निर्माण इसे सीधे प्रशांत महासागर से जोड़ेगा, जो एक वास्तविक 'गेम-चेंजर' होगा।"
उन्होंने आगे कहा: "इस बड़े भौगोलिक क्षेत्र में वस्तुओं, सेवाओं और लोगों की निर्बाध आवाजाही के लिए सहयोग और सुविधाएं बेहद अहम हैं। इन भू-रणनीतिक कारकों को ध्यान में रखते हुए, हमने बीते एक दशक में बिम्सटेक को मज़बूत करने में काफी ऊर्जा लगाई है। हमारा मानना है कि सहयोग एक समग्र और समन्वित दृष्टिकोण से होना चाहिए, न कि मनचाहे ढंग से।"
भारत-बांग्लादेश संबंधों में ठहराव
शेख हसीना की सत्ता से विदाई के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच द्विपक्षीय रिश्ते फिलहाल शांत और सीमित नजर आए हैं। अब तक सिर्फ एक औपचारिक बधाई संदेश प्रधानमंत्री मोदी की ओर से यूनुस के लिए भेजा गया था, उसके अलावा कोई खास संवाद नहीं हुआ था।