ट्रंप के 27% टैरिफ लगाने पर बोली सरकार, कर रहे घोषणाओं के प्रभावों का अध्ययन

सरकार ने कहा है कि अमेरिकी राष्ट्रपति के ऐलान के प्रभावों का सरकार अध्ययन कर रही है साथ ही नई अमेरिकी व्यापार नीति से मिले अवसरों पर भी फोकस किया जा रहा है.;

Update: 2025-04-03 09:53 GMT
व्हाइट हाउस में नरेंद्र मोदी-डोनाल्ड ट्रंप साथ में (फाइल फोटो)

Trump Reciprocal Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 27 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ लगाने के एलान पर भारत सरकार की पहली प्रतिक्रिया आई है. वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने कहा है कि डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स अमेरिकी राष्ट्रपति द्वारा घोषित घोषणाओं के प्रभावों का गहन अध्ययन कर रहा है. विकसित भारत की दृष्टि को ध्यान में रखते हुए, विभाग भारतीय उद्योग और निर्यातकों सहित सभी हितधारकों के साथ सक्रिय रूप से जुड़ा हुआ है, उनके मूल्यांकन का फीडबैक ले रहा है और स्थिति का आकलन कर रहा है. विभाग इस नई अमेरिकी व्यापार नीति से उत्पन्न होने वाले संभावित अवसरों का भी अध्ययन कर रहा है.

भारत पर अमेरिका ने लगाया 27 फीसदी टैरिफ

वाणिज्य मंत्रालय ने कहा, अमेरिकी राष्ट्रपति ने पारस्परिक टैरिफ पर एक कार्यकारी आदेश जारी किया है, जिसके तहत सभी व्यापारिक भागीदारों से आयात पर 10% से 50% तक की अतिरिक्त एड-वलोरेम (ad-valorem) शुल्क लगाए गए हैं. 10% का आधार शुल्क 5 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा, जबकि शेष देश-विशिष्ट अतिरिक्त एड-वलोरेम शुल्क 9 अप्रैल 2025 से प्रभावी होगा. कार्यकारी आदेश के अनुबंध-I के अनुसार, भारत पर अतिरिक्त शुल्क 27% निर्धारित किया गया है.

ट्रंप प्रशासन के संपर्क में सरकार

मंत्रालय ने जारी प्रेस रिलीज में बताया कि, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 13 फरवरी 2025 को 'मिशन 500' की घोषणा की, जिसका उद्देश्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक तक बढ़ाना है. इसी के तहत, भारत और अमेरिका की व्यापारिक टीमें एक पारस्परिक रूप से लाभकारी, बहु-क्षेत्रीय द्विपक्षीय व्यापार समझौते को शीघ्रता से अंतिम रूप देने के लिए चर्चा कर रही है. इन चर्चाओं में आपूर्ति श्रृंखला एकीकरण को गहरा करने सहित आपसी हित के विभिन्न मुद्दे शामिल है. दोनों देशों के जारी बातचीत व्यापार, निवेश और प्रौद्योगिकी हस्तांतरण को बढ़ावा देने पर केंद्रित है. हम इन मुद्दों पर ट्रंप प्रशासन के साथ संपर्क में हैं और आने वाले दिनों में इन्हें आगे बढ़ाने की उम्मीद करते हैं.

वैश्विक रणनीतिक साझेदारी पर जोर

भारत अमेरिका के साथ अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को अत्यधिक महत्व देता है और 21वीं सदी के लिए भारत-अमेरिका 'सैन्य साझेदारी, व्यापार और प्रौद्योगिकी के अवसर उत्प्रेरण' (COMPACT) को लागू करने के लिए अमेरिका के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि हमारे व्यापारिक संबंध पारस्परिक समृद्धि के स्तंभ बने रहें और भारत एवं अमेरिका की जनता के लाभ के लिए परिवर्तनकारी बदलाव लाएं. 

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