वक्फ संशोधन बिल की जरूरत क्यों पड़ी?, सरकार ने संसद में ये बताया

संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को लोकसभा में वक्फ संशोधन बिल पेश किया। सरकार को आखिर ये बिल लाने की जरूत क्यों पड़ी, रिजिजू ने ये भी बताया।;

Update: 2025-04-02 08:31 GMT

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिू ने कहा कि अगर हम आज यह संशोधन पेश न करते, तो हम जिस संसद भवन में बैठे हैं, उस पर भी वक्फ संपत्ति होने का दावा किया जा सकता था।

धार्मिक स्थल के प्रबंधन से कोई लेना-देना नहीं 

वक्फ संशोधन बिल क्यों लाया गया, आज सरकार ने इसकी डीटेल संसद में रखी। रिजिजू ने स्पष्ट किया कि वक्फ संशोधन बिल में किसी भी धार्मिक गतिविधि में हस्तक्षेप का कोई प्रावधान नहीं है। उन्होंने कहा, "हम किसी मस्जिद के संचालन में दखल नहीं देने जा रहे।

उन्होंने कहा, "यह मस्जिद या धार्मिक क्रियाकलापों से जुड़ा मामला नहीं है, बल्कि केवल संपत्ति के प्रबंधन से संबंधित विषय है। यदि कोई मुसलमान जकात देता है, तो उसे पूछने का अधिकार हमें नहीं है। हमारा उद्देश्य केवल उसके प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया को स्पष्ट करना है, न कि किसी धार्मिक व्यवस्था में हस्तक्षेप करना।"

'संसद भवन भी वक्फ संपत्ति हो जाती'

इस दौरान रिजिजू ने वक्फ संशोधन बिल कानून की आवश्यकता पर जोर देते हुए कुछ वाकयों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 1970 से एक मामला लंबित था, जो सीजीओ कॉम्प्लेक्स और संसद भवन सहित कई संपत्तियों से जुड़ा था।

दिल्ली वक्फ बोर्ड ने इन संपत्तियों को वक्फ संपत्ति बताते हुए दावा किया था, और मामला अदालत में विचाराधीन था। लेकिन उस समय यूपीए सरकार ने 123 संपत्तियों को डीनोटिफाई कर वक्फ बोर्ड को सौंप दिया था।

रिजिजू ने कहा कि यदि आज यह संशोधन पेश न किया जाता, तो जिस संसद भवन में हम बैठे हैं, उस पर भी वक्फ सं

पत्ति का दावा किया जा सकता था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर प्रधानमंत्री मोदी की सरकार सत्ता में न आई होती, तो कई संपत्तियां डी-नोटिफाई हो चुकी होतीं।

वक्फ संपत्ति बनाम निजी संपत्ति

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "दुनिया की सबसे बड़ी वक्फ संपत्ति भारत में है। ऐसा माना जाता है कि रेलवे और रक्षा क्षेत्र के बाद भारत में सबसे अधिक भूमि वक्फ बोर्ड के पास है।"

रिजिजूि ने कहा, "हालांकि, रेलवे और रक्षा क्षेत्र की संपत्तियां देश की संपत्ति हैं,रेलवे का उपयोग पूरे देश के लोग करते हैं, और रक्षा क्षेत्र की भूमि राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए प्रयुक्त होती है। इसके विपरीत, वक्फ बोर्ड की संपत्ति निजी संपत्ति मानी जाती है।

उन्होंने सवाल उठाया कि जब वक्फ बोर्ड के पास लाखों एकड़ भूमि और अरबों की संपत्ति है, तो इसे देश के गरीब मुसलमानों के हित में क्यों नहीं लगाया जा रहा?

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